Jammu-Kashmir : 5400 घरों ने लगाया Solar Energy Panel, बिजली का बिल शून्य

‘जम्मू पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक गुरपाल सिंह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने 83,500 परिवारों को इस योजना से जोड़कर लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
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जम्मू : जम्मू कश्मीर में 13,600 से अधिक छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं जिनमें से 5,400 से अधिक घरों के बिजली के बिल ‘शून्य’ हुए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 83,500 घरों में पैनल लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना

जम्मू कश्मीर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में यह आंकड़े सामने आए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस योजना के तहत कम से कम 5,413 उपभोक्ताओं के बिजली के बिल पहले ही शून्य हुए हैं जो इस योजना के धरातल पर कारगर साबित होने को दर्शाता है।’

76 हजार आवेदन प्राप्त हुए

‘जम्मू पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक गुरपाल सिंह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने 83,500 परिवारों को इस योजना से जोड़कर लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि 76 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37,500 उपभोक्ताओं ने अपने ‘वेंडर’ का चयन किया है तथा 17,151 लोगों ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। सिंह ने कहा, ‘कम से कम 13,615 छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं और 11,297 लाभार्थियों के पक्ष में 96.68 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता जारी की गई है।’

सौरीकरण में उल्लेखनीय प्रगति

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव शाहिद इकबाल चौधरी ने बैठक में कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने सरकारी बुनियादी ढांचे के सौरीकरण में उल्लेखनीय प्रगति की है, प्रस्तावित 22,494 भवनों में से 6,716 भवनों का सौरीकरण हो चुका है, जिससे कुल स्थापित क्षमता 64.67 मेगावाट हो गई है।

उन्होंने बताया कि 70 मेगावाट के सौर उर्जा पैनल के तहत 47.45 मेगावाट क्षमता के कार्य के आदेश 4,338 भवनों के लिए जारी किए गए है। उन्होंने आगे कहा, ‘2,806 स्थलों (35.88 मेगावाट) पर सामग्री की आपूर्ति पूरी हो चुकी है, जबकि 1,987 स्थलों (25.50 मेगावाट) पर ये पूरी तरह से स्थापित किए जा चुके हैं।’

जन-जन तक पहुंच पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने बिजली वितरण की दोनों कंपनियों (जम्मू विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और कश्मीर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) को निर्देश दिया कि वे नागरिकों को योजना के विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी दें।

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