

गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में हुई भारी जनहानि पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में असम की जनता नेपाल के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ में अब तक कम से कम 162 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़, जनहानि और लोगों की परेशानियों को लेकर वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने आपदा में प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्थिति के जल्द सामान्य होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, ‘‘इस कठिन समय में असम की जनता नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ी है। हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।’’
तीन जिलों में भारी तबाही
नेपाल पुलिस के अनुसार, बुधवार को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने देश के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई। इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 162 हो गई है। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोगों के अब भी लापता होने की खबर है। लापता लोगों में सुरक्षाकर्मी और विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी है।
भूस्खलन से रुका था नदी का बहाव
पुलिस के मुताबिक, बाढ़ की वजह भूस्खलन को माना जा रहा है। भूस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का बहाव रुक गया था। इसके बाद अचानक पानी का दबाव बढ़ा और नदी में तेज बाढ़ आ गई। बाढ़ ने सबसे पहले चीन की सीमा के पास स्थित रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके को अपनी चपेट में लिया। अचानक आए पानी ने सीमावर्ती क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाल में आई इस आपदा को हाल के वर्षों में देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कई लोगों के लापता होने के कारण राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।