'विश्व कप और एशियाई खेलों के लिये एक ही टीम होगी'

हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जायेगा जबकि एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर के बीच होंगे जिसमें विजयी टीम सीधे लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करेगी
'विश्व कप और एशियाई खेलों के लिये एक ही टीम होगी'
फाइल फोटो
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नयी दिल्ली : इस साल हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों के बीच अधिक अंतर नहीं होने के बावजूद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने दोनों टूर्नामेंटों में अलग अलग टीमें उतारने से इनकार करते हुए कहा कि एक ही कोर टीम रहेगी जिसके इर्द गिर्द चयन होगा। हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जायेगा जबकि एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर के बीच होंगे जिसमें विजयी टीम सीधे लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करेगी। आठ बार की ओलंपिक चैंपियन भारतीय टीम ने अब तक सिर्फ एक बार 1975 में कुआलालम्पुर में विश्व कप जीता है।

यह पूछने पर कि क्या विश्व कप और एशियाई खेलों के बीच अधिक समय नहीं होने के कारण दो अलग अलग टीमें उतारी जायेंगी, फुल्टोन ने भाषा से खास बातचीत में कहा, ‘नहीं। दोनों टूर्नामेंटों के बीच तीन सप्ताह का अंतर है लेकिन एक ही टीम रहेगी जिसके इर्द गिर्द चयन होगा।’ उन्होंने स्वीकार किया कि एशियाई टीमों के लिये यह कठिन है लेकिन उन्होंने इसके लिये एक साल पहले से भारत ए टीम के जरिये तैयारी शुरू कर दी थी। दक्षिण अफ्रीका के इस कोच ने कहा, ‘यह कठिन है क्योंकि एशियाई टीमें विश्व कप खेलने के बाद तुरंत एशियाई खेलों में उतरेंगी जो लॉस एंजिलिस ओलंपिक का क्वालीफायर भी है लेकिन वहीं यूरोपीय टीमों के साथ ऐसी स्थिति नहीं है।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन यही हालात है और हमें इसी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। इसी वजह से हमने पूल बड़ा करने के लिये चौदह पंद्रह महीने भारत ए टीम तैयार की ताकि दोनों टूर्नामेंटों के लिये बेस तैयार हो सके । यह रणनीति का हिस्सा है और हम इसके लिये तैयार हैं।’ यह पूछने पर कि क्या उन्होंने टीम का कोई खाका तैयार कर लिया है, उन्होंने कहा, ‘इसके लिये इंतजार करना होगा।’ उन्होंने कहा कि बहुत समय बाद लगातार नौ सप्ताह अभ्यास का समय टीम को मिला है जिसके बाद चीजें स्पष्ट हो जायेंगी। उन्होंने FIH प्रो लीग समेत पिछले कुछ अर्से में टीम के खराब प्रदर्शन के लिये थकान को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, ‘अब हमारे पास लगातार नौ सप्ताह एक साथ ट्रेनिंग का समय है जो काफी समय बाद मिला है चूंकि खिलाड़ी प्रतिस्पर्धाओं में व्यस्त थे। अब जून में प्रो लीग खेलना है जिसके बाद विश्व कप और एशियाई खेलों की टीम तय होगी। टूर्नामेंट की तैयारी के लिये हमें आठ अभ्यास मैच खेलने हैं।’ पिछले खराब प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा,‘काफी व्यस्त कार्यक्रम था जिसमें अजलन शाह टूर्नामेंट, दक्षिण अफ्रीका दौरा और फिर हॉकी इंडिया लीग। इसके बाद प्रो लीग में लगातार आठ मैच खेलना कठिन था और खिलाड़ी थके हुए थे। यह कोई बहाना नहीं बल्कि सच है।’ फुल्टोन ने कहा, ‘इसके साथ ही हम बड़ा पूल तैयार कर रहे थे तो प्रो लीग के राउरकेला और होबार्ट चरण के लिये अलग अलग टीम थी।’

प्रो लीग में भारत इस समय चार अंक लेकर आठवें स्थान पर है। उसे आॅस्ट्रेलिया चरण में स्पेन और आस्ट्रेलिया से हार के बाद एकमात्र जीत पेनल्टी शूटआउट में मेजबान के खिलाफ मिली। कोच फुल्टोन ने हालांकि आग्रह किया कि उनकी टीम का आकलन ओलंपिक, विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे टूर्नामेंटों में प्रदर्शन के बाद किया जाये। उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक , विश्व कप , एशियाई खेल हॉकी में चक्र ऐसे चलता है। अभी हम विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर हैं और प्रो लीग में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। हमें मेहनत करनी होगी लेकिन मैं यही कहूंगा कि हमारा आकलन ओलंपिक, विश्व कप, एशियाई खेलों के बाद करें क्योंकि इन बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी के लिये काफी कुछ आजमाया जा रहा है।’ उन्होंने कहा,‘हर बार फोकस जीतने पर नहीं होता, कुछ नया आजमाना और भविष्य की तैयारी भी अहम होती है जिसमें कई बार नतीजे अनुकूल नहीं रहते।’

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