खिलाड़ियों ने वेतन में कटौती स्वीकार की

गोवा के क्लब ने गुरुवार रात ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उसने भारतीय फुटबॉल में चल रही उथल-पुथल के मद्देनजर आगे आने वाली चुनौतियों को लेकर खिलाड़ियों और सहायक स्टाफ के साथ बातचीत की
खिलाड़ियों ने वेतन में कटौती स्वीकार की
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नयी दिल्ली : भारतीय कप्तान संदेश झिंगन सहित एफसी गोवा के खिलाड़ियों और सहायक स्टाफ ने 14 फरवरी से शुरू होने वाले इंडियन सुपर लीग (ISL) फुटबॉल टूर्नामेंट के आगामी सत्र के लिए वेतन में कटौती स्वीकार कर ली है। एफसी गोवा ने इसकी जानकारी देते हुए खिलाड़ियों के इस फैसले को ‘निस्वार्थ’ कार्य बताया। गोवा के क्लब ने गुरुवार रात ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उसने भारतीय फुटबॉल में चल रही उथल-पुथल के मद्देनजर आगे आने वाली चुनौतियों को लेकर खिलाड़ियों और सहायक स्टाफ के साथ बातचीत की। बयान में कहा गया है, ‘भारतीय फुटबॉल के लिए अनिश्चितता के इस दौर में हमारे क्लब ने अपने सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर पूरी ईमानदारी के साथ बातचीत की और इसके बाद जो कुछ हुआ उस पर हमें बहुत गर्व है।’

एफसी गोवा ने कहा, ‘हमारी प्रथम टीम के खिलाड़ियों और तकनीकी स्टाफ ने एकजुटता दिखाई और इस अवधि के दौरान अपना वेतन कम करने पर सहमति जताकर क्लब का समर्थन करने का विकल्प चुना। यह आसान निर्णय नहीं था। यह एक निस्वार्थ फैसला था।’ एफसी गोवा की टीम में उदांता सिंह और बोरिस सिंह जैसे कुछ अन्य भारतीय खिलाड़ी भी शामिल हैं। इस महीने की शुरुआत में एक अन्य ISL टीम बेंगलुरू एफसी के मालिक पार्थ जिंदल ने ISL में भाग लेने के लिए क्लब पर पड़ने वाले ‘वित्तीय बोझ’ को देखते हुए खिलाड़ियों से ‘बलिदान करने’ की अपील की थी और कहा था कि अगर खिलाड़ियों का समर्थन नहीं मिलता है तो क्लब को हमेशा के लिए बंद करना पड़ सकता है।

जिंदल ने यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि खिलाड़ियों को किस तरह का बलिदान करना होगा, लेकिन उनके कहने का मतलब खिलाड़ियों के वेतन में कटौती हो सकती है। इस क्लब में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील छेत्री और स्टार गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। जिंदल की यह अपील खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा यह घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद आई थी कि ISL का 2025-26 का सत्र 14 फरवरी से शुरू होगा जिसमें सभी 14 क्लब भाग लेंगे। इस बीच एशियाई फुटबॉल महासंघ (AFC) ने एएफसी चैंपियंस लीग दो में खेलने के लिए ISL टीमों को अनिवार्य रूप से 24 मैच खेलने के मानदंड में भी छूट दे दी है।

उसने हालांकि स्पष्ट किया है कि ISL चैंपियन को ग्रुप चरण में सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। इस बीच पिछले 48 घंटों में क्लबों से विदेशी खिलाड़ियों का पलायन जारी रहा। स्पेनिश फॉरवर्ड इकर गुआरोटक्सेना एफसी गोवा को छोड़कर इंडोनेशिया के पर्सिजाप जेपारा में शामिल हो गए हैं। दो अन्य स्पेनिश खिलाड़ी डेविड तिमोर और बोरजा हेरेरा पहले ही क्लब को छोड़ चुके हैं। पिछले दो दिनों में विभिन्न ISL क्लबों को छोड़ने वाले विदेशी खिलाड़ियों में स्पेन के चेमा नुनेज (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड), जॉन टोरल (मुंबई सिटी एफसी) और जुआन रोड्रिगेज (केरल ब्लास्टर्स) तथा जापान के हिरोशी इबुसुकी (ईस्ट बंगाल) शामिल हैं।

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