

बेंगलुरू : IPL के 2026 सत्र की शुरुआत नाबाद अर्द्धशतक से करने वाले महान बल्लेबाज विराट कोहली का मानना है कि नियमित अंतराल पर खेल से ब्रेक लेने से उन्हें थकान से बचने और मानसिक रूप से तरोताजा होकर वापसी करने में मदद मिली। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ IPL के इस सत्र के पहले मैच में गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को छह विकेट से मिली जीत में कोहली ने 38 गेंद में पांच चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 69 रन बनाये। कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘वापिस यहां आकर अच्छा लग रहा है। आखिरी मैच मैने पिछले साल IPL फाइनल खेला था लेकिन हाल ही में वनडे सीरीजों में जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे मुझे लय हासिल करने में मदद मिली।’
अंतरराष्ट्रीय T-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके कोहली ने कहा, ‘मैं वह शॉट्स नहीं खेल रहा था जो आम तौर पर नहीं खेलता। मुझे पता है कि मैं लय में हूं और मैने फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है तो प्रदर्शन अच्छा ही रहेगा। हमारे पास अच्छी शुरुआत का मौका था और हमने वही किया।’ सिर्फ एक ही प्रारूप खेलने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘पिछले 15 साल से जिस तरह का कार्यक्रम रहा है और हमने जितनी क्रिकेट खेली है, मेरे लिये तैयारी की कमी की बजाय जरूरत से ज्यादा खेलने की थकान का जोखिम अधिक रहा है। इसलिये इन ब्रेक से तरोताजा होकर लौटने में काफी मदद मिली।’
उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं खेलने आता हूं तो 120 प्रतिशत देने की कोशिश रहती है। कभी तैयारी के बिना नहीं आता। अतिरिक्त विश्राम से मुझे मानसिक रूप से तरोताजा होने में मदद मिली। अगर आप शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा होकर खेलते हैं तो टीम के लिये योगदान दे सकते हैं और यही हर खिलाड़ी करना चाहता है।’ देवदत्त पडिक्कल की 26 गेंद में 61 रन की पारी को शानदार बताते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं पावरप्ले में आक्रामक खेलना चाहता था लेकिन जब मैने उसे इस तरह खेलते देखा तो उसे अधिक स्ट्राइक देने की कोशिश की। उसने एक बेहतरीन पारी खेलकर मैच सनराइजर्स की जद से बाहर कर दिया।’