भारतीय टीम की अगुवाई करेंगी लवलीना और निकहत

भारत ने एक महीने तक चली गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है।
भारतीय टीम की अगुवाई करेंगी लवलीना और निकहत
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नयी दिल्ली : ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में होने वाली एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की 20 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगी। भारत ने एक महीने तक चली गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है। जनवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के बाद संभावित खिलाड़ियों को पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया था। चयन नीति के अनुसार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए चुना जाएगा। इससे इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का महत्व बढ़ गया है। स्पेन में हाल ही में बॉक्सम एलीट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीना (75 किग्रा) महिला टीम की अगुवाई करेंगी।

स्पेन में स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य खिलाड़ियों प्रीति (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया (60 किग्रा) को भी टीम में शामिल किया गया है। मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मीन (57 किग्रा) भी टीम में शामिल हैं। महिला वर्ग में अन्य खिलाड़ियों में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता निकहत जरीन (51 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 किग्रा से अधिक) को टीम में जगह दी गई है। पुरुषों के वर्ग में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल और बॉक्सम चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता सचिन (60 किग्रा) टीम की अगुवाई करेंगे। उनके साथ आकाश (75 किग्रा) भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पेन में स्वर्ण पदक जीता था।

स्पेन में रजत पदक जीतने वाले दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) तथा स्पेन में कांस्य पदक विजेता और विश्व मुक्केबाजी फाइनल के रजत पदक विजेता जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा) भी टीम का हिस्सा हैं। विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) टीम में शामिल अन्य खिलाड़ी हैं। भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘एशियाई चैंपियनशिप में हमेशा आपके कौशल और निरंतरता की अच्छी परीक्षा होती है। हमारा ध्यान ऐसे मुक्केबाजों के चयन पर रहा है जिन्होंने अच्छी फॉर्म, अनुशासन और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। हमें विश्वास है कि यह टीम एशिया चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेगी।’ खिलाड़ियों का मूल्यांकन मुख्य कोच सैंटियागो नीवा (महिला) और सीए कुट्टप्पा (पुरुष) की देखरेख में किया गया। भारतीय टीम ने स्पेन में बॉक्सम एलीट में नौ स्वर्ण पदक जीते थे।

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