CWG 2026 Day 8 : नीरज, रोहित और यशवीर फाइनल में

कठिन मौसम और तेज़ हवा के बीच नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह ने शीर्ष 12 में जगह बनाकर भाला फेंक फाइनल में भारतीय चुनौती को मजबूती दी
CWG 2026 Day 8 : नीरज, रोहित और यशवीर  फाइनल में
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ग्लास्गो : ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने दो अन्य भारतीय एथलीट रोहित यादव और यशवीर सिंह के साथ गुरुवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष 12 में जगह बनाकर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया। क्वालीफिकेशन राउंड में तेज और लगातार दिशा बदल रही हवा के कारण कोई भी खिलाड़ी स्वतः क्वालीफिकेशन मानक हासिल नहीं कर सका। चोपड़ा ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करते हुए भाला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता था। वह गुरुवार को क्वालीफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे जबकि रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) क्रमशः नौवें और 10वें स्थान पर रहे। इससे इस स्पर्धा में हिस्सा लेने वाला पूरा भारतीय दल पदक दौर में पहुंचा।

प्रत्येक राउंड में आखिरी थ्रोअर रहने वाले 28 वर्षीय चोपड़ा ने अपना तीसरा और आखिरी प्रयास नहीं किया क्योंकि तब तक वह पदक दौर में जगह बना चुके थे। क्वालीफिकेशन राउंड के दौरान परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिसमें लगातार सामने से तेज हवा चल रही थी और तापमान 18 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था। 18 प्रतिभागियों में से कोई भी 84 मीटर के स्वत: क्वालीफिकेशन मानक को पार नहीं कर सका। इसके चलते शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने शुक्रवार को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। मुकाबले के बाद नीरज ने कहा, ‘भाला फेंकने वालों के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। सिर्फ ठंड ही नहीं थी, बल्कि हवा भी लगातार अलग-अलग दिशाओं से चल रही थी। यह समझना बहुत मुश्किल था कि हवा किस दिशा से आएगी।

आज लगभग सभी खिलाड़ियों को परेशानी हुई और कोई भी स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाया।’ उन्होंने कहा, ‘खुद को गर्म रखना भी मुश्किल हो रहा था। अभ्यास के दौरान हम परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई भी हवा का अंदाजा नहीं लगा पाया। खिलाड़ियों ने पूरी मेहनत की, लेकिन हवा ने पूरे मुकाबले पर असर डाला। मुझे लगता है कि आज शायद ही कोई अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट होगा।’ केवल चार प्रतिभागी ही 80 मीटर दूर भाला फेंक पाए। इस सत्र में दोहा और रोम डायमंड लीग जीतने वाले शानदार फॉर्म में चल रहे श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने पहले ही प्रयास में 82.84 मीटर का थ्रो कर क्वालीफिकेशन राउंड में पहला स्थान हासिल किया। पथिरागे ने कहा, ‘मैं फाइनल में पहुंचकर खुश हूं और कल स्वर्ण पदक जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।

लगता है यह साल मेरे लिए भाग्यशाली है।’ पिछले चरण के रजत पदक विजेता ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 81.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम (78.63 मीटर) ने सातवें स्थान पर और मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एंव टोबैगो के केशोर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर) ने 11वें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। कीनिया के जूलियस येगो ने 2014 चरण में स्वर्ण और 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक जीता था। वह 74.50 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 13वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। ग्लास्गो के ठंडे मौसम में ‘बीनी’ (ऊनी टोपी) पहने नजर आए चोपड़ा को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में दर्शकों से सबसे ज्यादा तालियां मिलीं। हालांकि कठिन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने संयमित रणनीति अपनाई।

पूर्व विश्व चैंपियन चोपड़ा ने अपने पहले प्रयास में 76.28 मीटर का थ्रो किया जिससे वह पहले दौर के बाद छठे स्थान पर रहे। दूसरे प्रयास में उन्होंने 79.61 मीटर का थ्रो कर पांचवें स्थान पर जगह बना ली। इसके बाद उन्होंने अपना तीसरा और अंतिम प्रयास नहीं किया। नीरज ने कहा, ‘मैं खुश हूं कि मैंने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। मौसम के बावजूद 79 मीटर का थ्रो ठीक था। मेरा लक्ष्य फाइनल में पहुंचना था और अब वहां अच्छा प्रदर्शन करना है।’ यशवीर का इस सत्र और करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.72 मीटर है और उन्होंने भी प्रतियोगिता के दौरान लगातार सुधार किया।

24 वर्षीय खिलाड़ी ने पहले प्रयास में 73.89 मीटर, दूसरे में 74.45 मीटर और अंतिम प्रयास में 78.36 मीटर का थ्रो कर फाइनल के लिए क्वालीफिकेशन सुनिश्चित किया। रोहित का इस सत्र और करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87.05 मीटर है। उन्होंने पहले प्रयास में 77.04 मीटर और दूसरे प्रयास में 78.37 मीटर का थ्रो किया। उन्होंने भी अपना अंतिम प्रयास नहीं किया। चोपड़ा पिछले वर्ष सितंबर से परेशान कर रही कमर के निचले हिस्से की चोट से उबरकर लौटे हैं। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग से प्रतिस्पर्धी वापसी की, जहां उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।

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