प्रभाकरन को AIFF के महासचिव बनाने के फैसले पर कोर्ट ने लगाई रोक

जाने क्या है पूरा मामला
प्रभाकरन को AIFF के महासचिव बनाने के फैसले पर कोर्ट ने लगाई रोक
Published on

नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव के रूप में अनिलकुमार प्रभाकरन की नियुक्ति पर रोक लगा दी। यह रोक उस याचिका के आधार पर लगाई गई है जिसमें कहा गया है कि उनकी नियुक्ति राष्ट्रीय खेल संहिता का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। अदालत ने दिल्ली फुटबॉल क्लब के निदेशक रंजीत बजाज की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस बीच प्रभाकरन की नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए।

क्या कहना है दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश का ?

न्यायाधीश ने कहा, ‘हम अगले सप्ताह सुनवाई जारी रखेंगे लेकिन इस बीच रोक लगानी होगी। मैं अंतरिम रोक (आदेश) पारित करूंगा। मामले की अगली सुनवाई आठ अप्रैल को होगी।’ बजाज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा और शिवम सिंह ने प्रभाकरन को पद से हटाने की मांग की और तर्क दिया कि वह पहले एआईएफएफ कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में चुने गए थे और इसलिए उन्हें नियुक्त नहीं किया जा सकता था। एआईएफएफ ने पिछले साल जुलाई में केरल के रहने वाले प्रभाकरन को अपना महासचिव नियुक्त किया था।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in