जमीन अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों प्रदर्शन

प्रदर्शन करते ग्रामीण
प्रदर्शन करते ग्रामीण
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कालचीनी: बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्वास परियोजना के तहत चल रही ग्राम स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी ब्लॉक स्थित अच्छापाड़ा विजयपुर बस्ती में नया विवाद खड़ा हो गया है। जमीन अधिग्रहण के विरोध में स्थानीय लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने अस्थायी मंच बनाकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया और साफ शब्दों में कहा कि वे अपनी जमीन का एक इंच हिस्सा भी नहीं छोड़ेंगे। प्रशासन की ओर से बक्सा टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में रहने वाले वन बस्तीवासियों को वनछाया बस्ती और आसपास के इलाकों में पुनर्वासित करने की योजना बनाई जा रही है। इसी क्रम में जयंती क्षेत्र के निवासियों को बसाने के लिए वनछाया बस्ती के कुछ हिस्सों की जमीन चिह्नित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वनछाया बस्ती से सटे विजयपुर बस्ती क्षेत्र की जमीन भी अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल की जा रही है। इसी के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं और उनकी आजीविका इसी पर निर्भर है। खेत, सुपारी के बागान और घर इसी जमीन से जुड़े हुए हैं। स्थानीय निवासी सुमित्रा सिंह कच्छप और दुर्गा गुरुंग ने आरोप लगाया कि पहले भी कई लोगों की जमीन ली गई थी, लेकिन पुनर्वास का आश्वासन पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब बची हुई जमीन भी छीनने की कोशिश की जा रही है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे न्यायालय का सहारा लेंगे। उनका कहना है, हम अपनी जमीन एक इंच भी नहीं छोड़ेंगे। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जयंती क्षेत्र के पुनर्वास के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है, जिसके चलते वनछाया बस्ती के कुछ हिस्सों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि वैध पट्टाधारकों की जमीन जबरन नहीं ली जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मामले के समाधान के लिए जल्द ही ग्रामीणों के साथ बैठक की जाएगी।

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