जोखिम भरी नाव से स्कूल जाने को मजबूर विद्यार्थी

महानंदा नदी पार कर स्कूल जाते छात्र-छात्राएं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जोखिम भरी नाव से स्कूल जाने को मजबूर विद्यार्थी
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मालदह : बरसात के मौसम में महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद इंग्लिशबाजार ब्लॉक के नरहट्टा इलाके से ओल्ड मालदह नगरपालिका क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार कर रहे हैं। आरोप है कि छोटे और मध्यम आकार की नावों से होने वाली इस आवाजाही के दौरान बच्चों को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराया जाता। छात्रों के साथ आम यात्रियों को भी इसी तरह जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ रही है।

ओल्ड मालदह नगरपालिका के वार्ड नंबर 5 स्थित लोलाबाग महानंदा नदी घाट के ठीक सामने इंग्लिशबाजार ब्लॉक के नरहट्टा ग्राम पंचायत का टेकरा घाट है। इन दोनों घाटों के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग नाव से आवागमन करते हैं। नरहट्टा इलाके के छात्र मुख्य रूप से ओल्ड मालदह के कालाचांद हाईस्कूल, आह्लादमणि गर्ल्स हाईस्कूल और शाकमोहन प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाव से नदी पार कर स्कूल पहुंचने में करीब 15 मिनट लगते हैं, जबकि सड़क मार्ग से करीब एक घंटा समय लगता है और किराया भी अधिक देना पड़ता है।

आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर नावों का अवैध रूप से संचालन किया जा रहा है और यात्रियों से 5 से 10 रुपये किराया लिया जाता है। शाकमोहन प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक मृदुल भट्टाचार्य ने बताया कि अधिकांश छात्र नदी पार कर स्कूल आते हैं। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा के लिए मोटर चालित बड़ी नाव और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की मांग की है। ओल्ड मालदह के विधायक गोपालचंद्र साहा ने कहा कि इस तरह छात्र-छात्राओं का जान जोखिम में डालकर नदी पार करना बेहद चिंताजनक है। पहले यह घाट जिला परिषद के टेंडर के जरिए संचालित होता था, लेकिन लंबे समय से जिला परिषद की ओर से घाट का टेंडर नहीं किया गया है। वर्तमान में घाट वैध है या नहीं, इसकी जानकारी भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन से चर्चा की जाएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

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