

सिलीगुड़ी : सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के कल्याण, सामाजिक विकास एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तथा स्थानीय समुदाय के बीच आपसी विश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8वीं वाहिनी (खपरैल) द्वारा बीते शनिवार को नागरिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मिरिक के टिंगलिंग अंतर्गत शौरेनी के जीवंत गांव स्थित रवीन्द्र नाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तह नागरिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम का आयोजन एसएसबी की 8वीं वाहिनी के कमांडेंट पी.वी. सामी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के 150 जरूरतमंद विद्यार्थियों के बीच स्कूल बैग एवं आवश्यक स्टेशनरी सामग्री का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का पर्यवेक्षण 8वीं वाहिनी के उप-कमांडेंट मुकेश कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कल्याण एवं विकास राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल के आदर्श वाक्य 'सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व' के अनुरूप सीमावर्ती जनता की सेवा एवं उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए बल द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सशस्त्र सीमा बल द्वारा बचाव एवं राहत कार्यों में प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता के रूप में निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
इसी क्रम में स्थानीय ग्रामीणों को पशुधन के स्वास्थ्य संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर का नेतृत्व डॉ. समीर कुमार दास, पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया गया, जिसमें कुल 79 पशुओं का उपचार किया गया तथा ग्रामीणों को आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं परामर्श प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को 'श्री अन्न' (मिलेट्स) के संबंध में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर मिलेट्स के पोषण संबंधी महत्व, स्वास्थ्य लाभ तथा दैनिक आहार में इसके उपयोग के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस नागरिक कल्याण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता, स्थानीय ग्रामीणों को पशु चिकित्सा सुविधा तथा उपयोगी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई। साथ ही, कार्यक्रम के माध्यम से सशस्त्र सीमा बल एवं सीमावर्ती ग्रामीणों के बीच आपसी समन्वय, विश्वास, सहयोग एवं बंधुत्व की भावना को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया गया।स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा सशस्त्र सीमा बल की इस पहल की सराहना की गई तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, सामुदायिक कल्याण एवं समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर मिरिक प्रखंड के बीडीओ देवनाथ सरकार, रवीन्द्र नाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश बंतावा, एनजीओ प्रतिनिधि आदित्य प्रधान, विद्यालय के शिक्षकगण, स्थानीय ग्रामीण एवं अभिभावक सम्मिलित रहे।