छत पर बागबानी, सफलता की नई कहानी

शिक्षक डॉ. संजय विश्वास की ऑर्गेनिक बगिया बनी मिसाल, 35 किस्म के आम से लेकर ड्रैगन फ्रूट, सेब, अंगूर और लीची तक छत पर उगाए 50 किस्म के फलदार पौधे, सफल खेती, अब पूरे बंगाल के लोगों को दे रहे तकनीकी सलाह
छत पर बागबानी, सफलता की नई कहानी
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राबिया शेख, सन्मार्ग संवाददाता, सिलीगुड़ी : बचपन में फूलों के पौधे खरीदने के लिए पैसे बचाने की छोटी सी आदत आज एक अनोखी मिसाल बन गई है। शिव मंदिर निवासी और रामगंज हाई स्कूल के भूगोल शिक्षक डॉ. संजय विश्वास ने अपने घर की छत को एक अनूठे ऑर्गेनिक फलों के बागीचे में बदल दिया है। उनकी यह पहल अब न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के बागबानी प्रेमियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

डॉ. संजय विश्वास की छत पर इस समय करीब 50 किस्म के फलदार पौधे हैं। इनमें सबसे खास आकर्षण 35 किस्म के आम हैं, जिनमें से 18 किस्मों में इस वर्ष फल भी आए हैं। उनकी छत पर जापान के प्रसिद्ध मियाज़ाकी आम के अलावा किंग ऑफ चाकापा, बनाना मैंगो, पूसा पीतांबर, पूसा सूर्य, पूसा अरुणिमा, अरुणिका, माया, सेंसेशन और काटीमोन जैसी कई दुर्लभ किस्में मौजूद हैं।

आम के अलावा उनकी बगिया में जामरूल, रोज़ एप्पल, माल्टा, मौसंबी, लीची, ड्रैगन फ्रूट, अनानास, जैतून, नींबू, दो किस्म के कटहल, छह किस्म के अंगूर और सात किस्म के सेब भी सफलतापूर्वक उगाए जा रहे हैं। सीमित जगह में इतनी विविधता वाले फलदार पौधों की खेती लोगों को आकर्षित कर रही है।

डॉ. विश्वास ने बताया कि वह फिलहाल विभिन्न फलों की खेती पर नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। उनका सपना भविष्य में जमीन खरीदकर बड़े स्तर पर व्यावसायिक ऑर्गेनिक फल उत्पादन शुरू करने का है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय आधुनिक तकनीक को देते हुए कहा कि वर्षों तक गूगल, यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अध्ययन और शोध कर उन्होंने रूफटॉप गार्डनिंग की आधुनिक तकनीक सीखी। उसी का परिणाम है कि आज उनकी छत एक मिनी ऑर्गेनिक फ्रूट गार्डन बन चुकी है।

डॉ. विश्वास ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। कई लोग फलदार पौधों के पौधे, खेती की तकनीक और रूफटॉप गार्डनिंग संबंधी सलाह लेने उनके पास पहुंच रहे हैं। उनका मानना है कि यदि सही जानकारी और तकनीक अपनाई जाए तो सीमित जगह में भी जैविक खेती को सफल बनाया जा सकता है।

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