राजनीति आधे-अधूरे तथ्यों पर नहीं होनी चाहिए : जैकब खालिंग

राजनीति आधे-अधूरे तथ्यों पर नहीं होनी चाहिए : जैकब खालिंग
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गंगटोक : भूटिया-लेप्चा (बीएल) समुदाय के लिए आरक्षित एमबीबीएस सीट को लेकर सिटिजन एक्शन पार्टी (सीएपी) की ओर से सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों और आधिकारिक दस्तावेजों की जांच जरूरी है।खालिंग ने कहा कि केवल ‘लामा’ उपनाम के आधार पर किसी व्यक्ति की जनजातीय पहचान पर सवाल उठाना तथ्यात्मक और कानूनी रूप से उचित नहीं है। उनके अनुसार, उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों में संबंधित छात्रा चनाना लामा को भूटिया समुदाय से संबंधित बताया गया है।

उन्होंने दावा किया कि मार्च 2025 में राबोंगला के उपमंडलाधिकारी की ओर से जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र तथा नाम्ची के जिला कलेक्टर द्वारा जारी पहचान प्रमाणपत्र (सीओआई) में परिवार की भूटिया पहचान और वंशावली का उल्लेख है। उन्होंने वर्ष 2013 के एक शपथपत्र का भी हवाला दिया, जिसमें छात्रा के पिता गोपाल लामा ने स्वयं को गोपाल भूटिया बताया है।खालिंग ने कहा कि समुदाय की पहचान केवल उपनाम से नहीं, बल्कि वंशावली, आधिकारिक रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के आधार पर तय होती है। यदि किसी को प्रमाणपत्र की वैधता पर संदेह है तो सोशल मीडिया के बजाय संबंधित सरकारी प्राधिकारी के समक्ष शिकायत कर जांच की मांग की जानी चाहिए।

उन्होंने सीएपी से अपील की कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जाए। साथ ही कहा कि आरक्षण व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से सिक्किम की सामाजिक सद्भावना बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आधे-अधूरे तथ्यों के बजाय दस्तावेज और कानून ही अंतिम सत्य तय करें।

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