

इस्लामपुर : सरकार बदलने के बाद नौकरी जाने की आशंका जताते हुए चोपड़ा के भोलागाछ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के करीब 70 मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों का दावा है कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से परियोजना में विभिन्न कामों से जुड़े हुए हैं, लेकिन अब उन्हें हटाने की धमकी दी जा रही है। मजदूर टोनिस सिंह और हमीदुल रहमान ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता सुबोध सरकार की पहल पर उन्हें परियोजना से हटाने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष से बातचीत के बाद मजदूरों को हटाने को लेकर परियोजना के एक अधिकारी को लिखित शिकायत भी दी गई है।
मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से इसी काम पर निर्भर उनके परिवारों के सामने नौकरी जाने की स्थिति में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि लंबे समय से काम कर रहे मजदूरों के रूप में नौकरी बरकरार रखने की मांग की है। हालांकि, भाजपा नेता सुबोध सरकार ने मजदूरों के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पहले दूसरी पार्टी से जुड़े लोगों को परियोजना में काम मिला था और अब भाजपा सत्ता में है, इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं को भी काम का अवसर मिलना स्वाभाविक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना में अधिकांश कर्मचारी दूसरी पार्टियों से जुड़े हैं। वहीं, माकपा ने भी मामले में हस्तक्षेप की बात कही है। सीटू उत्तर दिनाजपुर जिला संपादकीय बोर्ड के सदस्य विकास दास ने आरोप लगाया कि मजदूरों को हटाकर पैसे के बदले दूसरे लोगों को काम पर रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले को प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा।