

सिलीगुड़ी : दुर्गापूजा का पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही पहाड़ों में घूमने की तैयारी तेज हो गई है। इस बार पर्यटकों का रुझान दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे प्रमुख शहरों के बजाय चाय बागानों, जंगलों, झरनों और संतरे के बागानों से घिरे शांत पहाड़ी गांवों की ओर अधिक दिखाई दे रहा है। टूर ऑपरेटरों के मुताबिक, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में होमस्टे के करीब 70 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। गणेश पूजा और विश्वकर्मा पूजा के बाद पूजा पर्यटन सीजन की शुरुआत हो जाएगी। इसे देखते हुए पर्यटकों ने पहाड़ों की यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टूर ऑपरेटरों का कहना है कि इस बार पहाड़ों में अच्छी भीड़ देखने को मिल सकती है। पर्यटकों की पसंद में इस बार ग्रामीण पर्यटन केंद्र खास तौर पर उभरकर सामने आए हैं। दार्जिलिंग के टिनचुले, लेपचा जगत, रंगारून, सिटोंग और ताबाकोशी जैसे गांवों के अलावा कालिम्पोंग के रामधुरा गांव, इच्छेगांव और माइरुंगगांव भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। कहीं चाय और संतरे के बागान हैं, तो कहीं पाइन के जंगल, नदी और झरनों के बीच शांत वातावरण। सिलीगुड़ी के टूर ऑपरेटर तन्मय गोस्वामी ने बताया कि कुछ दिन पहले की तुलना में पहाड़ों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पूजा पर्यटन सीजन शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं है और होटल व होमस्टे की बुकिंग को देखते हुए इस बार अच्छी भीड़ की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों में दार्जिलिंग, कर्शियांग, मिरिक और कालिम्पोंग शहरों की तुलना में पहाड़ी गांवों में रहने का आकर्षण बढ़ रहा है। इन गांवों में पर्यटकों के ठहरने के लिए मुख्य रूप से होमस्टे की व्यवस्था है। पहाड़ों में 2 हजार से अधिक होमस्टे बताए जा रहे हैं, जिनमें करीब 70 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। विश्वकर्मा पूजा के बाद बुकिंग की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।