

कर्सियांग : गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (गोरामुमो) की कर्सियांग ब्रांच कमेटी के अंतर्गत टुंग-संतमेरिज समष्टि में गोरामुमो और अल्पसंख्यक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। संतमेरिज सार्वजनिक भवन में हुई बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय की विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में गोरखाओं के प्रस्तावित स्थायी राजनीतिक समाधान की प्रक्रिया में अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दों और हितों को भी शामिल करने पर जोर दिया गया।
पार्टी के मीडिया सेल प्रभारी दिनेश साम्पाङ के अनुसार, टाशी डुक्पा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का संचालन संतोष सुब्बा ने किया। बैठक में गोरामुमो केंद्रीय समिति के प्रवक्ता वाई लामा, कर्सियांग ब्रांच कमेटी के अध्यक्ष निमा लामा, सचिव युद्ध छेत्री, टुंग-संतमेरिज समष्टि अध्यक्ष मदन छेत्री, गोरखा राष्ट्रीय भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष अशोक गोले, चिमनी-देवराली समष्टि अध्यक्ष सांगे रुम्बा तथा एचपीडब्ल्यूयू कर्सियांग ब्रांच कमेटी के अध्यक्ष अदिप राई समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान टुंग-संतमेरिज समष्टि क्षेत्र के अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं और मांगों को लेकर प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। शिक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों समेत समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही इन समस्याओं को भविष्य की राजनीतिक प्रक्रिया में उचित स्थान देने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया गया।
संतोष सुब्बा ने कहा कि गोरामुमो अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने गोर्खाओं के स्थायी राजनीतिक समाधान की प्रक्रिया में अल्पसंख्यक समुदाय के हितों और समस्याओं को भी शामिल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी आपसी सहयोग और संवाद के साथ आगे बढ़ने की बात कही है।
बैठक को संबोधित करते हुए गोरामुमो केंद्रीय समिति के प्रवक्ता वाई लामा ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, गोर्खाओं के संवैधानिक अधिकारों और स्थायी राजनीतिक समाधान के मुद्दे पर जानकारी दी। उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप गोर्खाओं की पहचान, जमीन और अस्तित्व की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर पार्टी का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक राजनीतिक आकांक्षाओं और अधिकारों के साथ विभिन्न समुदायों के सामाजिक हितों और सरोकारों को भी उचित स्थान मिलना चाहिए। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने समुदायों के बीच संवाद, एकता और सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
आयोजकों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उन्हें व्यापक राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनाने के लिए वातावरण तैयार करना था। इसे गोरामुमो और अल्पसंख्यक संगठनों के बीच संवाद एवं सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक पहल बताया गया।