

सिलीगुड़ी : वामपंथी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, यूनाइटेड कृषक सभा, किसान संगठनों तथा बस्ती विकास समिति के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को सिलीगुड़ी में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर ‘जेल भरो’ अभियान किया गया। इसके माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के साथ-साथ श्रमिकों, किसानों और गरीब तबके से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
हिलकार्ट रोड स्थित माकपा जिला कार्यालय अनिल विश्वास भवन के सामने से जुलूस निकाला गया। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसडीओ कार्यालय पहुंचा। वहां पहले से ही बैरिकेड लगाए पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। सामूहिक गिरफ्तारी हुई। हलांकि, बद में सभी को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। गिरफ्तार होने वालों में माकपा के दार्जिलिंग जिला सचिव समन पाठक, वरिष्ठ माकपा नेता दिलीप सिंह, सीटू नेता गौतम घोष, शरदींदु चक्रवर्ती, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के पश्चिम बंगाल प्रदेश सचिव अभिजीत मजूमदार, आरएसपी नेता तापस गोस्वामी, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) नेता जय लोध व अन्य कई शामिल रहे। इन सबकी रिहाई के लिए वाममोर्चा समर्थकों ने प्रधान नगर थाना के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया।
इस अवसर पर माकपा के दार्जिलिंग जिला सचिव समन पाठक ने कहा कि, मौजूदा समय में आम जनता सांपद्रायिकता, अराजकता, भ्रष्टाचार, महंगाई व बेरोजगारी से बुरी तरह से जूझ रही है। श्रमिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है। किसानों की आर्थिक स्थिति बदहाल है। फुटपाथ से हॉकरों को और शहरी बस्तियों से गरीबों को पुनर्वास दिए बिना ही हटाया जा रहा है। गरीब एवं वंचित तबका तरह-तरह की समस्याओं से जूझ रहा है। इन मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने तथा समाधान की मांगों को मजबूती से रखने के उद्देश्य से ‘जेल भरो’ अभियान किया गया। इस अभियान में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़े श्रमिकों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, कृषक सभा के सदस्यों तथा बस्ती क्षेत्रों से जुड़े लोग भारी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न फर्जी मुकदमों में वाममोर्चा नेताओं को फंसा कर जेल में डालने का आरोप भी लगाया व उन सभी की रिहाई की मांग की। इन मांगों पर अविलंब अमल नहीं होने पर उन्होंने जोरदार आंदोलन की चेतावनी दी है।