धान की फसल पर हाथियों का खतरा

वन कर्मी व स्थानीय लोग
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नागराकाटा : धान की फसल में बालियां निकलनी शुरू होते ही इलाके में हाथियों का उत्पात बढ़ गया है। हाथियों से फसल को बचाने के लिए अब रात के समय गश्त शुरू की गई है। गुरुवार रात से धुपझोड़ा बीट के अंतर्गत संयुक्त वन सुरक्षा समिति संख्या 1, 2 और 3 के सदस्यों ने रात्रिकालीन गश्त शुरू की। इस गश्त में संयुक्त वन सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ वनकर्मी भी शामिल रहेंगे। बताया गया है कि रात के समय जिस भी इलाके में हाथियों के आने की सूचना मिलेगी, वहां गश्ती दल वाहन के साथ पहुंचकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करेगा। फसलों को हाथियों से बचाना ही इस रात्रिकालीन गश्त का मुख्य उद्देश्य है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस मौसम में धान की फसल के आकर्षण में हाथियों के झुंड अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाते हैं। इससे किसानों की तैयार हो रही फसल को व्यापक नुकसान पहुंचता है। किसानों को इस नुकसान से बचाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। रात्रिकालीन गश्त शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में भी राहत और खुशी का माहौल है। किसानों को उम्मीद है कि इस पहल से हाथियों के हमले से उनकी फसल को काफी हद तक बचाया जा सकेगा।

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