सिक्किम : सिक्किम में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से अधिवक्ता बीना राय नई दिल्ली पहुंची हैं। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान सिक्किम की भौगोलिक एवं जलवायु संबंधी संवेदनशीलताओं की ओर आकर्षित करते हुए आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक सहयोग और संस्थागत समर्थन की मांग की है। पड़ोसी देश नेपाल में हाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और पूर्व तैयारी को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ी हैं। नाजुक पर्वतीय भू-भाग वाले सिक्किम में बाढ़, भूस्खलन, GLOF तथा जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न चरम मौसमी घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। बीना राय ने आपदा के बाद राहत एवं बचाव के बजाय रोकथाम और पूर्व तैयारी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। इसके तहत प्रभावी अर्ली वार्निंग सिस्टम को मजबूत करने, आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के विकास तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को अधिक सक्षम बनाने की आवश्यकता बताई गई है। उनकी दिल्ली पहल का उद्देश्य सिक्किम की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर एवं निरंतर समन्वय सुनिश्चित करना है। साथ ही, दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग के माध्यम से लोगों की सुरक्षा, आपदा-पूर्व तैयारी और राज्य की जलवायु एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।