

सिलीगुड़ी: भारत-नेपाल सीमा के पानीटंकी इलाके में मानव तस्करी की कथित कोशिश को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने नाकाम कर दिया। सीमा पार करने से पहले छह महिलाओं के साथ जा रहे दो संदिग्ध पुरुषों को एसएसबी जवानों ने पकड़ लिया। बाद में दोनों को खोड़ीबाड़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निर्मल देववर्मा और चिन्मय बसाक के रूप में हुई है। निर्मल त्रिपुरा का रहने वाला है, जबकि चिन्मय जलपाईगुड़ी का निवासी बताया गया है। दोनों को शुक्रवार को सिलीगुड़ी महकमा अदालत में पेश किया गया।
एसएसबी सूत्रों के अनुसार, पानीटंकी के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से मानव तस्करी की योजना बनाए जाने की सूचना पहले से मिली थी। इसी आधार पर सीमा पर तैनात जवान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इसी दौरान दो पुरुषों को छह महिलाओं के साथ सीमा पार करने की कोशिश करते देखा गया।जवानों ने सभी के दस्तावेजों की जांच की। दस्तावेजों और उनके बयानों में कथित तौर पर कुछ असंगतियां मिलने के बाद जवानों को संदेह हुआ। इसके बाद महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान भी कई बातों में कथित तौर पर विरोधाभास सामने आया।
एसएसबी के अनुसार, जांच में आरोप लगा कि चार नाबालिग लड़कियों समेत छह महिलाओं को त्रिपुरा से नेपाल ले जाने की योजना थी। कथित तौर पर उन्हें नेपाल में काम दिलाने का लालच दिया गया था। इसी शक के आधार पर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।बाद में एसएसबी ने मामले की जानकारी खड़िबाड़ी थाना पुलिस को दी और दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ मानव तस्करी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है या नहीं। साथ ही महिलाओं को नेपाल ले जाने की पूरी योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के बीच इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।