

कर्सियांग : अलग राज्य गोरखालैंड की मांग को आगे बढ़ाने हेतु दार्जिलिंग पहाड़ पर रविवार को एक और नई राजनीतिक पार्टी का गठन हुआ है। गोरखालैंड संग्राम पार्टी नामक इस नई पार्टी का दार्जिलिंग स्थित गोरखा दुख निवारक सम्मेलन भवन में विधिवत शुभारंभ किया गया। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के पूर्व युवा नेता एवं जीटीए के पूर्व सभासद संजय थुलुंग के नेतृत्व में पार्टी की स्थापना की गई है। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय थुलुंग ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अलग राज्य गोरखालैंड की मांग को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य और एकमात्र राजनीतिक मुद्दा अलग गोरखालैंड राज्य के लिए गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से पहाड़ के लोग अलग राज्य की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी को समर्थन और वोट देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनाव जिताकर भेजने की जिम्मेदारी उन्होंने पूरी की है और अब अलग राज्य के गठन को लेकर भाजपा को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
थुलुंग ने कहा कि गोरखालैंड की मांग केवल बंगाल से संबंधित मुद्दा नहीं, बल्कि देश से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रति गोरखाओं के योगदान और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से देश की मुख्यधारा में समान भागीदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य गोरखाओं को देश की मुख्यधारा में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से स्थापित करना है। इसके लिए संवैधानिक अधिकारों के तहत लोकतांत्रिक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी चुनावों में पार्टी की भागीदारी को लेकर उन्होंने कहा कि गोरखालैंड संग्राम पार्टी चुनावी राजनीति में भी सक्रिय रहेगी। नगरपालिका सहित विभिन्न चुनावों में पार्टी हिस्सा लेगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी जीटीए चुनाव में भाग नहीं लेगी और जीटीए की मौजूदा व्यवस्था का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए बातचीत जरूरी है। इसलिए सरकार और संबंधित पक्षों के साथ संवाद के माध्यम से गोरखालैंड सहित विभिन्न मुद्दों के समाधान की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।