पीएम ने जिन्हें किया प्रणाम उन पर बन रही बायोपिक

अपनी बायोपिक में खुद भी अभिनय कर रहे 98 वर्षीय माखन लाल सरकार 1952 में कश्मीर के लाल चौक पर भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी संग हुए थे गिरफ्तार, हुई थी जेल 1980 में भाजपा के गठन के बाद पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के संगठनात्मक समन्वयक बने, 10,000 सदस्यों को जोड़ा 1981 से लगातार 7 वर्षों तक भाजपा के जिला अध्यक्ष के रूप में सेवा दी, उस समय एक असाधारण उपलब्धि थी, भाजपा के नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे
पीएम ने जिन्हें किया प्रणाम उन पर बन रही बायोपिक
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राबिया शेख, सन्मार्ग संवाददाता, सिलीगुड़ी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन्हें चरण स्पर्श कर प्रणाम किया था उन्हीं 98 वर्षीय भाजपा नेता माखन लाल सरकार पर अब बायोपिक बन रही है।शहर के 23 नंबर वार्ड अंतर्गत रवींद्र नगर स्थित उनके घर पर चंद दिन पहले ही बायोपिक की कुछ शूटिंग भी की जा चुकी है। इस बायोपिक का निर्देशन जाने-माने फिल्म निर्देशक कौशिक सेनगुप्त कर रहे हैं। इस फिल्म में माखनलाल सरकार के जीवन संग भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राजनीतिक जीवन, विचारधारा, संघर्ष और उनके आंदोलनों को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा जिनके कि माखन लाल सरकार बहुत करीबी साथी रहे थे।

उक्त फिल्म की कहानी में वर्ष 1952 के जम्मू-कश्मीर आंदोलन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ आंदोलन में शामिल होने के कारण माखनलाल सरकार को भी गिरफ्तार किया गया था। फिल्म में डॉ. मुखर्जी के साथ उनके संबंध और उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम को दर्शाया जाएगा।

इस बायोपिक में उत्तर बंगाल में भारतीय जनसंघ और बाद में आरएसएस व भाजपा के संगठन को मजबूत करने में माखनलाल सरकार की भूमिका को भी प्रमुखता से सामने लाया जाएगा। उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संघर्ष और संगठन के लिए किए गए कार्यों के साथ उनके जीवन के कई ऐसे पहलुओं को भी फिल्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी, जिनसे आम लोग अब तक अनजान रहे हैं।

इस बायोपिक की एक खास बात यह भी है कि 98 वर्षीय माखनलाल सरकार स्वयं भी इसमें अभिनय कर रहे हैं। उनके जीवन के महत्वपूर्ण दौर, और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए गए समय को करीब से जानने वाले माखनलाल सरकार की मौजूदगी इस फिल्म को और खास बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि, गत 9 मई को रवींद्र जयंती के उपलक्ष्य में राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में आयोजित पश्चिम बंगाल राज्य की पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में माखन लाल सरकार को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर पहुंचते ही पार्टी के वरिष्ठ और वयोवृद्ध नेता माखनलाल सरकार के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया था। प्रधानमंत्री ने न केवल उनके पैर छुए, बल्कि उन्हें गले लगाकर लंबे समय तक सम्मान दिया। उस भावुक पल के दौरान मंच पर मौजूद कई नेताओं समेत स्वयं प्रधानमंत्री मोदी और माखनलाल सरकार की आंखें भी नम हो गईं। उसके बाद से माखन लाल सरकार सुर्खियों में आ गए।

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के उस ऐतिहासिक अवसर पर 98 वर्षीय माखनलाल सरकार को मंच पर विशेष स्थान देकर पार्टी ने अपने संघर्षशील और समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया। माखनलाल सरकार आज भी राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। 1952 में उन्हें कश्मीर के लाल चौक पर भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार कर लिया गया था। वह जेल में रहे।

1980 में भाजपा के गठन के बाद वह पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के संगठनात्मक समन्वयक बने। केवल एक साल के अंदर ही उन्होंने लगभग 10,000 सदस्यों को पार्टी में शामिल करवाने में मदद की। 1981 से लगातार 7 वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में सेवा की। यह उस समय एक असाधारण उपलब्धि थी, जब आम तौर पर भाजपा के नेता किसी एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। उन पर बन रही बायोपिक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी लोगों की उत्सुकता काफी बढ़ने लगी है।

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