

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कई स्कूलों के शिक्षक पिछले नवंबर से BLO के तौर पर काम कर रहे थे। हालांकि उन्हें चुनाव में पोलिंग कर्मचारी के तौर पर भी काम करना होगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। फिर भी, चुनाव ड्यूटी के लिए ट्रेनिंग सेशन में शामिल नहीं होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजी जा रही है। स्कूल शिक्षकों के एक तबके का आरोप है कि चुनाव आयोग की ओर से कहा गया था कि जो लोग BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) के तौर पर काम कर चुके हैं, उन्हें नियमित पोलिंग कर्मचारी के तौर पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, उन्हें VAB (वोटर असिस्टेंस बूथ) पर ड्यूटी सौंपी जाएगी। हालांकि, जिला प्रशासन ने अलग-अलग स्कूलों को पत्र जारी कर हेडमास्टरों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी स्टाफ सदस्य ट्रेनिंग सेशन में शामिल हों।
'BLO और वोट कर्मचारी एकता मंच' के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने कहा, काफ़ी BLO अब भी पोलिंग ड्यूटी के लिए नियुक्त कर्मचारियों की सूची में शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिला प्रशासन चुनाव आयोग के निर्देशों की साफ तौर पर अनदेखी करते हुए ऐसे पत्र कैसे जारी कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे का तर्क अब भी साफ नहीं है। नतीजतन, इस स्थिति ने शिक्षकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। उनका दावा है कि ये निर्देश अपने आप में विरोधाभासी हैं। उन्होंने बताया कि संगठन फिलहाल कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के संबंध में चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपने पर विचार कर रहा है।