

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी की प्लेसमेंट ऑफिसर के खिलाफ कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए, संस्थान की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था—कार्यकारी परिषद (EC) ने 7 सदस्यों वाली एक जांच समिति का गठन किया है। इस बारे में जूटा के जनरल सेक्रटरी पार्थ प्रतीम राय ने बताया कि समिति का गठन 2-3 दिन पहले किया गया था, मगर बुधवार से ऑफिशियली काम शुरू किया जाएगा। जांच समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। आरोप है कि कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने यूनिवर्सिटी के कई छात्रों को दिए गए नौकरी के प्रस्ताव पहले ही रद्द कर दिए हैं। ऐसे मामलों की सटीक संख्या की अभी पुष्टि की जा रही है। इन नौकरी रद्दीकरणों के पीछे जाली दस्तावेज जमा करना और गलत जानकारी देकर नौकरी हासिल करना जैसे गंभीर आरोप हैं। कई ऐसे छात्र भी हैं, जो पूरी तरह से निर्दोष हैं फिर भी, इन आरोपों के सामने आने के बाद, उनके नौकरी के प्रस्ताव भी रद्द कर दिए गए हैं।
क्या कहा यूनिवर्सिटी के वीसी ने?
यूनिवर्सिटी के वीसी चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि कई छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने प्लेसमेंट ऑफिस के मौजूदा कामकाज के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अलावा जादवपुर के छात्रों द्वारा पहले से हासिल किए गए नौकरी के प्रस्तावों को खोने और साथ ही योग्य छात्रों को उनके हक से वंचित किए जाने से जुड़े आरोप संस्थान की प्रतिष्ठा पर बुरा असर डालते हैं। परिणामस्वरूप जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।