

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : इस नये शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कलकत्ता यूनिवर्सिटी में पीएचडी में एडमिशन सेंट्रलाइज्ड तौर पर लिया जाएगा। ऐसा कलकत्ता यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग की एच.ओ.डी. प्रो. राजश्री शुक्ला ने बताया है। उन्होंने बताया कि अभी तक कलकत्ता यूनिवर्सिटी के सभी विभाग सीटों की रिक्तियों के आधार पर वेबसाइट के माध्यम से नोटिफिकेशन जारी करके एडमिशन लेते थे। हालांकि अब ऐसा तय किया गया है कि कलकत्ता विश्वविद्यालय एक साथ सेंट्रलाइज्ड रूप से जिस विभाग में जितनी रिक्तियां हैं और किस विभाग में कितने सुपरवाइजर हैं, उस आधार पर वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी करके पीएचडी में एडमिशन लेगा।
M.A. करने वाले छात्राें में लड़कियों की संख्या अधिक
हिन्दी विभागाध्यक्ष ने बताया कि चालू सत्र 2025-26 में M.A. करने वाले छात्राें में लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है। उन्होंने बताया कि कुल 121 सीटों में से मात्र 35 से 40 लड़के हैं, बाकी सभी लड़कियां हैं। सिर्फ इस वर्ष ही नहीं बल्कि हर वर्ष हिंदी विभाग में लड़कियों कि संख्या लड़कों से अधिक रहती है।
हिंदी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद कई अच्छे अवसर
प्रो. राजश्री शुक्ला ने सन्मार्ग से बातचीत में कहा कि अन्य स्ट्रीम की तरह हिंदी पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी कई स्कोप हैं। उन्होंने बताया कि बहुत बड़ी संख्या में हिंदी पढ़ने के बाद छात्र राजभाषा अधिकारी, शिक्षक, मीडिया, अनुवादक, बैंक और भी कई क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं। हालांकि शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले कई छात्र ऐसा भी सोचते हैं कि हिंदी से अच्छा वे किसी अन्य भाषा में B.ed कर लें ताकि उनका स्कोप और बढ़ जाए, जबकि हिंदी में पढ़ाई करने वाले छात्रों के पास भी सामान्य अवसर हैं।