

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य भर के विभिन्न जिलों से गुरुवार को शिकायतें सामने आयीं, जिनमें आरोप लगाया गया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी कई कारणों से प्रशिक्षण के अंतिम दिन अपने पोस्टल बैलेट जमा नहीं कर पाए। ऐसे में शुक्रवार को चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि किसी को भी उसके वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। गुरुवार को इस मामले के संबंध में चुनाव आयोग के पास वोटकर्मी व BLO ऐक्य मंच द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई कर्मी अपना वोट नहीं डाल पाए। शिकायत में कहा गया था कि स्कूल में मतदान की प्रक्रिया केवल एक छोटे से कमरे में संचालित की जा रही थी। कुप्रबंधन का आलम यह था कि कई लोग बिना वोट डाले ही लौट गए। ऐसे में शुक्रवार को चुनाव आयोग की ओर से बताया गया कि उन मतदान कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जो प्रशिक्षण के अंतिम दिन अपना वोट नहीं डाल पाए थे। घोषणा की गई है कि जो लोग 16 अप्रैल को वोट नहीं डाल पाए थे, उन्हें 20 से 22 अप्रैल के बीच वोट डालने का मौका मिलेगा।
क्या कहा गया संगठन की ओर से?
वोटकर्मी व BLO ऐक्य मंच के जनरल सेक्रटरी स्वपन मंडल ने कहा कि हमने चुनाव आयोग के पास औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। हम चुनाव आयोग से आग्रह करते हैं कि वह यह सुनिश्चित करे कि सभी मतदान कर्मियों के वोट डालने के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित रहें।