

भार को उतार फेंकें : जिस बात या घटना की वजह से आप दुखी हैं, उसे जल्द से जल्द भूलने की कोशिश करें। मन पर बोझ रखकर चलना केवल आपकी गति को धीमा करता है।
साहित्य का सहारा लें : उदासी के पलों में ज्ञानवर्धक किताबें या चुटकुलों की पत्रिकाएं पढ़ें। शब्द अक्सर मरहम का काम करते हैं।
हंसी-मजाक और गपशप : अपने चेहरे की मुस्कान को खोने न दें। दोस्तों के साथ बैठें, हंसी-ठिठोली करें और बेफिक्र होकर गपशप करें।
दिल पर न लें : जीवन में हादसे होते रहते हैं। किसी भी विफलता या कड़वी बात को दिल से न लगाएँ। बस यह याद रखें कि आप हारने के लिए नहीं बने हैं।
संगीत की शक्ति : जब मन उदास हो, तो अपने पसंदीदा गायक या कलाकार का एल्बम चलाएं। मध्यम तेज आवाज में गाने सुनें और उनके साथ गुनगुनाएं।
ताजगी का अनुभव : उदासी दूर करने का सबसे सरल तरीका है-ठंडे पानी से हाथ-मुंह धोएं और कुछ देर खुली हवा में टहलें।
मनोरंजन : टी.वी. पर अपना कोई पसंदीदा प्रोग्राम, फिल्म या मैच देखें जिससे आपका ध्यान नकारात्मकता से हट सके।
धैर्य और उम्मीद : अगर मामला दिल का हो या किसी रिश्ते का, तो निराश न हों। वक्त बदलता है और हर अंधेरी रात के बाद सवेरा होता है।
जीत का संकल्प : हमेशा यह मूल मंत्र याद रखें-”हम जीतेंगे, आज नहीं तो कल।” यही सकारात्मक सोच आपकी उदासी को जड़ से खत्म कर देगी।
अनमोल विचार : उदासी एक मेहमान की तरह होती है, इसे घर का मालिक न बनने दें।
(स्वास्थ्य दर्पण)