कैंसर से लड़ाई में जागरूकता और मानसिक मजबूती पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का जोर

युवाओं से नशा व तंबाकू से दूर रहने की अपील
जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत करते राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत करते राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
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जयपुर : उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि कैंसर से लड़ने और उस पर विजय प्राप्त करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है।

उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से युवाओं से नशीले पदार्थों और तंबाकू आदि से दूर रहने की अपील करते हुए कैंसर से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने ‘कैंसर सोसाइटी’ संस्था द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कैंसर उपचार के अंतर्गत कीमोथेरेपी जैसी कठिन उपचार विधि के स्थान पर नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों में टैबलेट के जरिए उपचार की पहल उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सबके लिए आवश्यक है।

राधाकृष्णन ने कहा कि प्रतिवर्ष कैंसर के रोगी बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत कैंसर के उपचार के लिए कैंसर रोगियों को हर साल पांच लाख तक का नि:शुल्क इलाज मिलता है। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे प्रमुख कैंसर उपचार शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत देश भर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट, फेफड़े, और मुंह के कैंसर सहित अन्य प्रकारों के इलाज को शामिल किया गया है। गरीब मरीजों के इलाज के लिए एकमुश्त 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत भी ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत राशि का व्यय कैंसर बचाव के लिए किया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में कैंसर के जितने मामले सामने आए हैं उनमें ‘सर्वाइकल कैंसर’ के मरीजों की संख्या दूसरे स्थान पर है। इसके बचाव के लिए टीकाकरण के साथ उपचार के लिए कारगर प्रयासों की पहल केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान कैंसर से लड़कर उससे मुक्त होने वाले राज्यों में अग्रणी है।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा की जिस तरह से टीबी मुक्त अभियान चलाकर इस बीमारी से मुक्ति के प्रभावी प्रयास हुए हैं, उसी तरह कैंसर मुक्त राजस्थान अभियान चलाकर प्रभावी प्रयास किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह चिकित्सक नहीं है लेकिन उन्होंने इस बारे में पढ़ा है और लोगों से निरंतर मिलकर यह जाना है कि कोशिका तंत्र में विकार अथवा आनुवांशिकी कारणों से भी कैंसर के मामले सामने आते हैं।

बागडे ने कहा कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का सेवन करने वालों को कैंसर अधिक होता है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।

राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि कैंसर जागरूकता के लिए प्रभावी प्रयास जरूरी है। उन्होंने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

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