सांगानेर : अवैध भूमि विभाजन और निर्माण के खिलाफ शिकायत

रियल एस्टेट कंपनी ने राज्य स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया है
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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जयपुर : जयपुर की एक रियल एस्टेट कंपनी ने अपने भूखंड के कथित अवैध विभाजन और सांगानेर क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण पर अधिकारियों की निष्क्रियता को लेकर राज्य स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया है।

राजदरबार पिंक सिटी डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दर्ज कर राजस्व अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच की मांग की है। कंपनी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में प्रमुख कृषि भूमि का विभाजन किया गया और नगर निकायों ने अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं की।कंपनी की ओर से अधिकृत सुरेंद्र सिंह ने सात जनवरी को दाखिल शिकायत में आरोप लगाया कि सांगानेर तहसीलदार और अन्य अधिकारियों ने जयसिंहपुरा बास गांव, भांकरोटा की कृषि भूमि का विभाजन कर दिया।

यह भूमि लगभग 6.29 हेक्टेयर की है और इसमें कई खसरा नंबर शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि उसने 2005 में इसका आधा हिस्सा अविभाजित रूप में खरीदा था।

कंपनी का आरोप है कि शेष हिस्से के सह-स्वामियों ने 23 फरवरी 2021 को बिना उसकी सहमति के विभाजन आदेश प्राप्त कर लिया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। इससे कंपनी को वित्तीय नुकसान हुआ क्योंकि उसे भूमि के ऐसे हिस्से मिले जो अनुपयोगी थे। यह भी आरोप लगाया कि भूमि का कुछ हिस्सा तीसरे पक्ष को बेच दिया गया, जिन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की मंजूरी के बिना निर्माण कर लिया।

शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी ने लोकायुक्त से मांग की है कि संबंधित खसरा नंबरों पर JDA की मंजूरी के बिना किए गए सभी निर्माणों को जब्त कर ध्वस्त किया जाए और सांगानेर तहसीलदार द्वारा बिना कंपनी की सहमति के पारित विभाजन आदेश को निरस्त किया जाए। इसके अलावा, कंपनी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई और उचित राहत की भी मांग की है।

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