

राजस्थान निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। नामांकन खत्म होने के बाद प्रदेशभर से अलग-अलग अनोखे मामले सामने आए हैं। सीकर जिले में कांग्रेस पार्टी ने पूरे परिवार को निकाय चुनाव में उम्मीदवार बना दिया है। कांग्रेस ने पति-पत्नी और ससुर-बहू को अलग-अलग वार्डों से टिकट दिया है।वहीं भाजपा ने पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी के 24 वर्षीय पोते यश जलधारी को वार्ड नंबर 11 से उम्मीदवार बनाया है।लक्ष्मणगढ़ में भाजपा ने पूर्व पालिका अध्यक्ष दिनेश जोशी की पत्नी और पुत्रवधू को भी अलग-अलग वार्डों से टिकट दिया है।
पति-पत्नी को बनाया दिया प्रत्याशी
सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस ने वार्डों में प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं।कांग्रेस ने वार्ड नंबर 15 से निवर्तमान सभापति जीवण खां और वार्ड नंबर 16 से उनकी पत्नी खतीजा बानो को प्रत्याशी बनाया है।इसी तरह वार्ड नंबर 34 से अशोक चौधरी और वार्ड नंबर 40 से उनकी बहू किरण चौधरी को टिकट दिया गया है।जीवण खां ने परिवार से दो टिकट मिलने पर कहा कि मेरी पत्नी मुझसे ज्यादा सीनियर हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट मिलने पर परिवारवाद के सवाल पर निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कहा कि इसे परिवारवाद नहीं कहा जा सकता।
ससुर, बहू को दिया टिकट
पूर्व उपसभापति और वर्तमान वार्ड संख्या 34 से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक चौधरी ने कहा कि पिछली बार वह अलग वार्ड से पार्षद रहे, जबकि उनके बेटे भी दूसरे वार्ड से पार्षद रहे हैं।अब पार्टी ने उन्हें फिर टिकट दिया है और उनके बेटे की जगह महिला वार्ड होने पर उनकी बहू किरण चौधरी को वार्ड नंबर 40 से प्रत्याशी बनाया गया है।अशोक चौधरी ने दावा किया कि पिछली बार उनके बेटे ने 1314 वोटों से रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी, जबकि उन्होंने 594 वोटों से जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा कि यह वार्ड की मांग और मतदाताओं के आशीर्वाद का परिणाम है।परिवारवाद के सवाल पर अशोक चौधरी ने कहा कि “परिवारवाद नहीं होता, वार्ड में जो काम करने वाले होते हैं, उनको टिकट मिलता है।“