अब बिना अनुमति नहीं कटेंगे पेड़, खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाएगी राजस्थान सरकार

‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति की बैठक
राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा
राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा
Published on

जयपुर : राजस्थान में ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक सोमवार को हुई। आधिकारिक बयान के अनुसार उच्चस्तरीय समिति की बैठक संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, वन मंत्री संजय शर्मा सहित विधि विभाग के प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग के शासन सचिव एवं विधि विशेषज्ञ मौजूद रहे।

समिति ने वृक्षों के संरक्षण हेतु मजबूत कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों में मौजूद वृक्ष संरक्षण कानूनों के साथ तुलनात्मक अध्ययन कर इस पर विचार-विमर्श किया।

विधेयक के प्रारूप को अंतिम रूप दिए जाने से पहले संबंधित विभागों, विधि विशेषज्ञों और हितधारकों के सुझावों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अनुसार समिति की अगली बैठक 11 मार्च को होगी।

बयान के अनुसार इस समय केवल कृषि भूमि पर ही पेड़ों की कटाई की अनुमति का प्रावधान और अवैध पेड़ कटाई पर जुर्माने का प्रावधान काश्तकारी कानून में है। अब नया कानून लाकर हर प्रकार की जमीनों जैसे- आवंटित, रूपान्तरित, अधिग्रहित और आबादी वाली जमीनों पर भी वृक्ष संरक्षण के लिए कठोर प्रावधान किए जाएंगे। गैर कृषि उपयोग की इन भूमियों पर प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति लेकर ही न्यूनतम आवश्यक पेड़ ही हटाए जा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने खेजड़ी सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों के वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु विशेष कानून लाने के ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने हेतु यह उच्चस्तरीय समिति बनाई है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in