

जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महान शिक्षाविद् और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी । ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने नारी शिक्षा, किसानों के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए अलख जगाई। शर्मा शुक्रवार को मुहाना मंडी परिसर में ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ज्योतिबा फुले जी ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी, अंधेरे में प्रकाश का दीप जलाया और उत्पीड़ित वर्गों को सम्मान व समानता का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी सोच केवल एक समय की नहीं थी, बल्कि वह विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से ही अज्ञानता के अंधेरे को मिटाया जा सकता है और समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। ज्योतिबा ने शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाते हुए अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले जी के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में इतिहास में दर्ज हुईं। श्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में फैली जातिगत असमानता को दूर करने, सत्य की खोज और मानवता की सेवा का संदेश दिया।