

जयपुर : राजस्थान के जयपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को घी बनाने और पैकिंग करने वाली एक फैक्टरी पर कार्रवाई करते हुए करीब 35 हजार लीटर घी बरामद किया तथा गंभीर अनियमितताओं के संदेह में पूरी इकाई को सील कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने हिमालय डेयरी प्रोडक्ट्स की फैक्टरी का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां सात अलग-अलग ब्रांड के नाम से घी की पैकिंग होती मिली।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान राजस्थान सरस, डेयरी ब्रदर्स, श्री किरण सरस, माटुला, चॉइस डेयरी, रघु श्री और गणक ब्रांड के नाम से घी की पैकिंग की जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर 200 मिलीलीटर से लेकर 15 लीटर तक की विभिन्न पैकिंग में घी मिला। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बड़े साइलो में भी हजारों लीटर घी मिला। खाद्य सुरक्षा टीम ने घी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी परिसर में घी का संदिग्ध ‘फ्लेवर’ भी बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के नाम पर छिपाकर रखा गया था। टीम ने इसके नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। घी में कृत्रिम सुगंध के इस्तेमाल और मिलावट की आशंका के मद्देनजर कच्चे माल, निर्माण प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान फैक्टरी परिसर में खाद्य लाइसेंस भी प्रदर्शित नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि सातों ब्रांड की पैकेजिंग, लेबलिंग और उनके नामों के इस्तेमाल की वैधता की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद निर्माण और पैकेजिंग इकाई सहित पूरी फैक्टरी को सील कर दिया गया।
इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे चौमूं क्षेत्र के मोरीजा और चीथवाड़ी में डेयरी एवं मावा निर्माण इकाइयों का भी औचक निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार, टीम ने शकर दुला मावा पनीर भंडार, एकेडी एंटरप्राइजेज, एसडीएस मावा पनीर भंडार और बाबूलाल मावा पनीर उद्योग का निरीक्षण किया। बाबूलाल मावा पनीर उद्योग में पाउडर से मावा तैयार किए जाने की प्रक्रिया की भी जांच की गई।
उन्होंने कहा कि इन प्रतिष्ठानों में दूध प्रसंस्करण, मावा बनाने की प्रक्रिया, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था की जांच के साथ दूध एवं मावे के नमूने लिए गए, और इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर जयपुर प्रथम- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं अभिहित अधिकारी डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में की गई।अधिकारियों ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट और दस्तावेज के सत्यापन के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।