

जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 'विक्षुब्ध' (डिस्टर्ब) इलाकों में संपत्ति बेचने व खरीदने को लेकर राज्य सरकार के नये विधेयक को 'विभाजनकारी' बताते हुए इसकी निंदा की है। गहलोत के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मूल मंत्र 'फूट डालो और राज करो' रह गया है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा में ‘राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण का प्रतिषेध और परिसरों से किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण के लिए उपबंध विधेयक 2026' शुक्रवार को ध्वनिमत से पारित किया गया।
गहलोत ने इस विधेयक की निंदा करते हुए कहा, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी राजनीतिक विफलताएं छिपाने के लिए भाजपा सरकार राजस्थान जैसे शांत प्रदेश को नफरत की आग में झोंकने के लिए 'डिस्टर्ब एरिया एक्ट' लेकर आई है। ऐसा विभाजनकारी कानून निंदनीय है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि दूसरी ओर, राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा करोड़ों प्रदेशवासियों को 'स्वास्थ्य का अधिकार' देने के लिए बनाए गए स्वास्थ्य का अधिकार (आरटीएच) कानून को भाजपा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने कहा, लाखों युवाओं और 'गिग वर्कर्स' को सामाजिक सुरक्षा देने वाला देश का पहला 'गिग वर्कर्स एक्ट' भी आज इनके लिए महज रद्दी का टुकड़ा बन गया है। ये भाजपा और कांग्रेस की सोच का अंतर है।
कांग्रेस नेता ने कहा, कांग्रेस का मूल मंत्र जनकल्याण का था जबकि भाजपा का मूल मंत्र 'फूट डालो और राज करो' रह गया है। इन्हें ना पीड़ित की पीड़ा दिखती है, ना गरीब-मजदूर की जरूरत। इनकी नजर में जनकल्याण नहीं, बल्कि केवल समाज को बांटकर सत्ता हथियाना ही एकमात्र राजनीति है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की जागरूक जनता इस संवेदनहीनता को देख रही है और राजस्थान की जनता समय आने पर माकूल जवाब देगी।