

सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की अखिल भारतीय रिलीज को हरी झंडी दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण शर्त जोड़ते हुए निर्देश दिया है कि फिल्म को 28 जुलाई या उसके बाद ही देशभर में प्रदर्शित किया जा सकेगा। शीर्ष अदालत का यह निर्णय रथ यात्रा के पवित्र उत्सव और उससे जुड़ी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि किसी भी संभावित विवाद या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचा जा सके। निर्माताओं के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे पहले उड़ीसा हाईकोर्ट ने फिल्म पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
विवाद का कारण यह था
यह पूरा विवाद फिल्म के ट्रेलर और भगवान जगन्नाथ के चित्रण के तरीके को लेकर खड़ा हुआ था। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि फिल्म में भगवान और उनकी परंपराओं का प्रदर्शन मान्यताओं के विपरीत है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए रथ यात्रा जैसे संवेदनशील समय पर इसकी रिलीज से बचना चाहिए, क्योंकि इससे तनाव फैलने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।
उड़ीसा हाईकोर्ट का दृष्टिकोण
उड़ीसा हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एहतियात के तौर पर रिलीज पर रोक लगा दी थी। कोर्ट का मानना था कि फिल्म में उठाए गए बिंदुओं पर विस्तृत न्यायिक जांच आवश्यक है। अंतिम निर्णय होने तक सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
निर्माताओं की सुप्रीम कोर्ट से गुहार
हाईकोर्ट के आदेश के चलते फिल्म की रिलीज रुक गई, जिसके बाद निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना था कि फिल्म का उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुँचाना नहीं है, और बिना किसी अंतिम सुनवाई के फिल्म को रोकना उनके लिए नुकसानदेह है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज की अनुमति तो दी, लेकिन साथ ही 28 जुलाई की समय-सीमा तय कर दी। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो जाएं। स्पष्ट रहे कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश केवल रिलीज की तारीख तक सीमित है। इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि फिल्म के खिलाफ दर्ज आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है; कानूनी प्रक्रिया और आपत्तियों पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
फिल्म रिलीज होगी मगर
इस आदेश के साथ ही अब 'महाप्रभु जगन्नाथ' का सिनेमाघरों तक पहुँचना तय हो गया है। 28 जुलाई के बाद फिल्म रिलीज हो सकेगी, लेकिन भगवान के चित्रण से जुड़े विवादों पर सुनवाई संबंधित अदालतों में प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।