

उज्बेकिस्तान से कजाकिस्तान भागकर किसी तरह कोलकाता लौटे युवक
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: मोटी तनख्वाह वाली नौकरी का झांसा देकर कोलकाता के दो युवकों को कथित तौर पर फर्जी वीजा के जरिए उज्बेकिस्तान भेजने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठाकुरपुकुर स्थित एक प्लेसमेंट एजेंसी ने दोनों युवकों से मोटी रकम लेने के बाद उन्हें टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया। वहां पहुंचने के बाद अच्छी नौकरी देने के बजाय उनसे डिलीवरी बॉय का काम कराया गया और कथित तौर पर दिन में सिर्फ एक बार खाना दिया जाता था। मामला सामने आने के बाद दोनों युवकों ने इकबालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी ठाकुरपुकुर इलाके में स्थित है, इसलिए इकबालपुर थाने की पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला ठाकुरपुकुर थाने को भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
तुर्की में नौकरी का झांसा, भेज दिया उज्बेकिस्तान
पुलिस के अनुसार, इकबालपुर इलाके के दोनों युवक नौकरी की तलाश में ठाकुरपुकुर स्थित प्लेसमेंट एजेंसी के संपर्क में आए थे। आरोप है कि एजेंसी के लोगों ने उन्हें तुर्की में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। पिछले वर्ष जुलाई से सितंबर के बीच दोनों युवकों को अलग-अलग समय पर विदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। बाद में युवकों से कथित तौर पर कहा गया कि तुर्की की जगह उन्हें उज्बेकिस्तान में नौकरी दी जाएगी। आरोप है कि उनके वीजा से संबंधित दस्तावेज व्हाट्सऐप के जरिए भेजे गए और उनके पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए गए। दिल्ली में पासपोर्ट मिलने के बाद युवकों ने कथित तौर पर देखा कि उन्हें उज्बेकिस्तान के टूरिस्ट वीजा पर भेजा जा रहा है।
टूरिस्ट वीजा पर डिलीवरी का काम कराने का आरोप
उज्बेकिस्तान पहुंचने के बाद युवकों को कथित तौर पर आश्वासन दिया गया कि उनका वीजा बाद में बदल दिया जाएगा। हालांकि, आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्हें अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी के बजाय डिलीवरी बॉय का काम कराया गया। युवकों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिन में केवल एक बार खाना दिया जाता था और उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करना पड़ता था। उनके टूरिस्ट वीजा के दस्तावेजों में जिस होटल का नाम दिया गया था, वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर उन्हें पता चला कि होटल का विवरण भी सही नहीं था। आरोप है कि इसके बावजूद वहां ठहरने के लिए उन्हें अपनी जेब से भारतीय मुद्रा खर्च करनी पड़ी। इसी दौरान टूरिस्ट वीजा पर काम करने के आरोप में एक युवक को स्थानीय स्तर पर गिरफ्तार किए जाने की भी बात सामने आई है।
उज्बेकिस्तान से कजाकिस्तान भागे
हालात बिगड़ने के बाद दोनों युवकों ने कथित तौर पर एक ब्रोकर की मदद ली और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उज्बेकिस्तान से गैरकानूनी तरीके से कजाकिस्तान चले गए। कुछ दिनों तक वहां रहने के बाद दोनों किसी तरह भारत लौटे। कोलकाता लौटने के बाद दोनों युवक ठाकुरपुकुर स्थित प्लेसमेंट एजेंसी के कार्यालय पहुंचे और कथित तौर पर अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इस दौरान एजेंसी से जुड़े लोगों ने उन्हें धमकाया। युवकों का यह भी आरोप है कि उनके खिलाफ पुलिस में झूठी शिकायतें करने की धमकी दी गई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की सलाह पर दोनों युवकों ने एजेंसी से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ इकबालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इकबालपुर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला ठाकुरपुकुर थाने को भेज दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में नामजद लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस वीजा, पासपोर्ट, पैसों के लेन-देन और विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।