

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों ने जोरदार समर्थन जताया है। ऑल बंगाल प्राइवेट नर्सिंग होम्स एंड हॉस्पिटल ओनर्स एसोसिएशन (PNHOA) का कहना है कि यदि सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए तो अधिक लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। साथ ही सरकारी स्वास्थ्य ढांचे पर बढ़ता दबाव भी काफी हद तक कम होगा।
चुनौतियों पर चर्चा की
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल प्रशासकों, नर्सिंग होम मालिकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास और संस्थानों की दीर्घकालिक स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
गरीबों को मिलेगा बेहतर इलाज
संगठन का मानना है कि आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी कार्यान्वयन से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और एक अधिक समन्वित स्वास्थ्य प्रणाली विकसित होगी।
तैयार निजी क्षेत्र
PNHOA के अध्यक्ष गौतम नारायण सरकार ने कहा कि आयुष्मान भारत पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल और नर्सिंग होम सरकार के साझेदार के रूप में समय पर, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मिलकर काम करने का भरोसा
संगठन ने भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई।