

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना है, जहां करीब 3.6 करोड़ मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे। चुनाव आयोग ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तैयारी कर ली है और सभी बूथों पर केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। राजनीतिक तौर पर यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां का रुझान पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकता है।
16 जिलों में मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पहले चरण में राज्य के 16 जिलों में वोटिंग होगी। चुनाव आयोग के मुताबिक, सभी क्षेत्रों में सेंट्रल फोर्स को तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। पूरे प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। चुनाव आयोग इस चरण को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए हाई अलर्ट पर है।
उत्तर बंगाल : बीजेपी का गढ़
कूचबिहार, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और दिनाजपुर जैसे जिलों में बीजेपी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। इन जिलों को बीजेपी का गढ़ माना जा रहा है। चुनाव आयोग का लक्ष्य इन जिलों में शांतिपूर्ण चुनाव कराना है। सूत्रों के मुताबिक इन जिलों में करीब 45 सीटों पर तृणमूल और बीजेपी में सीधा मुकाबला है। इसमें बीजेपी 30–32 सीटों पर बढ़त वाली स्थिति में है जबकि तृणमूल 12–14 सीटों तक सीमित हो सकती है। सीमावर्ती मुद्दे और पहचान की राजनीति यहां बड़ा फैक्टर हैं।
जंगलमहल : कांटे की टक्कर
पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर का इलाका सबसे बड़ा बैटलफील्ड बन गया है।
-लगभग 35 सीटों पर बीजेपी और तृणमूल दोनों के बीच सीधी लड़ाई है।
आदिवासी वोट और विकास मुद्दे यहां निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
सीमावर्ती इलाके : तृणमूल को बढ़त
मालदह और मुर्शिदाबाद के क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
-मजबूत संगठन
-मुस्लिम वोट बैंक
-पंचायत स्तर तक नेटवर्क
इन वजहों से यहां बीजेपी को चुनौती मिल रही है।
स्विंग सीटें : जीत-हार का असली खेल
करीब 30–35 सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला बेहद करीबी है।
-पिछली बार कम अंतर से फैसला
-उम्मीदवार बदले गए
-स्थानीय मुद्दों का असर
यहां मामूली वोट स्विंग भी नतीजा बदल सकता है।
आंकड़ों में संभावित स्थिति
-तृणमूल कांग्रेस : 70–78 सीट
-बीजेपी : 68–74 सीट
-अन्य : 2–6 सीट
दोनों दलों के बीच अंतर बेहद कम रहने का अनुमान।
रणनीति और माइक्रो मैनेजमेंट का चुनाव
इस बार चुनाव लहर से ज्यादा रणनीति पर आधारित दिख रहा है। तृणमूल ने कई सीटों पर उम्मीदवार बदले और बीजेपी ने अपने मजबूत क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया। हर सीट पर अलग समीकरण और अलग रणनीति देखने को मिल रही है।
क्यों है ‘फोटो फिनिश’ मुकाबला
पहले चरण में तीन अलग-अलग राजनीतिक तस्वीरें उभरती हैं:
-उत्तर बंगाल : बीजेपी आगे
-जंगलमहल : बराबरी
-सीमावर्ती इलाके : तृणमूल मजबूत
यहां क्षेत्रवार साफ सूची इस तरह है
उत्तर बंगाल (बीजेपी आगे)
इन जिलों में बीजेपी की बढ़त मानी जा रही है :
- कूचबिहार
-अलीपुरदुआर
-जलपाईगुड़ी
-दार्जिलिंग
-उत्तर दिनाजपुर
-दक्षिण दिनाजपुर
जंगलमहल (बराबरी की टक्कर)
यहां मुकाबला बेहद कांटे का है :
-पुरुलिया
-बांकुड़ा
-झाड़ग्राम
-पश्चिम मेदिनीपुर
सीमावर्ती इलाके (तृणमूल मजबूत)
इन जिलों में तृणमूल की स्थिति मजबूत मानी जा रही है :
-मालदह
-मुर्शिदाबाद
इसके अलावा
पूर्व बर्दवान (कुछ हिस्से)
नदिया (कुछ हिस्से) में चुनाव होगा.