

कोलकाता : शिक्षक दिवस के मौके पर दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में समाज सुधारक और शिक्षाविद् ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा विद्यासागर चिल्ड्रन्स पार्क के पास झाड़ियों में मिलने से हड़कंप मच गया। ये घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और विरासत संरक्षण से जुड़े लोगों में नाराजगी है।
2020 में पार्क में स्थापित की गई थी प्रतिमा
जानकारी के अनुसार, विद्यासागर की यह प्रतिमा बारुईपुर के वार्ड नंबर 11 स्थित विद्यासागर चिल्ड्रन्स पार्क में स्थापित की गई थी। पार्क बारुईपुर एसडीओ कार्यालय और नगरपालिका भवन के नजदीक स्थित है।
बताया गया है कि प्रतिमा को वर्ष 2020 में पार्क परिसर में लगाया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय प्रतिमा को उसके मूल स्थान से हटाकर पार्क से सटी झाड़ियों और पेड़ों के बीच डाल दिया गया। 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस की सुबह लोगों ने इसे इस हालत में देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई।
प्रतिमा हटाने को लेकर जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने पार्क की देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जिस पार्क में बच्चों और स्थानीय लोगों की आवाजाही रहती है, वहां से विद्यासागर की प्रतिमा कैसे हटाई गई और उसे झाड़ियों में किसने रखा, इसकी जांच होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने प्रतिमा को सम्मानपूर्वक साफ कराकर उचित स्थान पर दोबारा स्थापित करने की मांग की है। साथ ही पार्क में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठी है। अधिकारियों की ओर से प्रतिमा हटाए जाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
ईश्वरचंद्र विद्यासागर बंगाल के प्रमुख शिक्षाविद् और समाज सुधारकों में गिने जाते हैं। शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सुधारों में उनके योगदान के कारण शिक्षक दिवस के दिन उनकी प्रतिमा का इस तरह उपेक्षित अवस्था में मिलना स्थानीय लोगों के लिए विशेष रूप से चिंता और नाराजगी का विषय बन गया है।