आयुष्मान भारत के 'विकल्प' पर तृणमूल का हमला

फिर से 'स्वास्थ्य साथी' बहाल करने की मांग
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कोलकाता : राज्य में आयुष्मान भारत योजना के साथ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की घोषणा को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकार की बदलती घोषणाओं से आम लोगों में यह संशय पैदा हो गया है कि आखिर किसे कौन-सी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा।

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पहले भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना का विरोध करते हुए आयुष्मान भारत लागू करने की मांग की थी। अब सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि सभी लोग आयुष्मान भारत के दायरे में नहीं आएंगे और ऐसे लोगों के लिए अलग से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करनी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आयुष्मान भारत सभी के लिए नहीं है, तो मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रति व्यक्ति पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर किस आधार पर और किस प्रक्रिया से उपलब्ध कराया जाएगा।

कुणाल घोष ने कहा कि सरकार को इस संबंध में विस्तृत और तुलनात्मक जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। साथ ही, स्वास्थ्य मंत्री को भी पूरे मामले पर स्पष्ट और विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। तृणमूल का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की स्वास्थ्य साथी योजना अधिक सरल, पारदर्शी और सर्वसुलभ थी तथा उससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला था। इसलिए सरकार को उसी योजना को फिर से लागू करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में घोषणा की है कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र नहीं होने वाले लोगों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह सुविधा आयुष्मान भारत की तरह देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध होगी। वहीं, आयुष्मान भारत के तहत पात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के मुफ्त कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा।

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