

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आने वाली नस्लों को
क्या देकर जाओगे
बारूद की गंध फैलाओगे
और शांति दूत कहलाओगे?
नई तकनीक और
आधुनिक विकास,
AI से संचालित
हो रहा आकाश ।
मिलो दूर से हो रहा प्रहार
मानवता हो रहा शर्मसार।
कितनों को सत्ता से
बेदखल करवाओगे,
बारूद की गंध फैलाओगे
और शांति दूत कहलाओगे?
रोजगार से रसोई तक
आ गई है संकट
शायद तीसरे विश्व युद्ध
की है आहट,
कब तक दुनिया को
कर्ज, मंदी और गरीबी के
जाल में फसाओगे,
बारूद की गंध फैलाओगे
और शांति दूत कहलाओगे?
क्यों सता रहा
शक्ति संतुलन का डर
भटक रहा
सुपर पावर का डगर,
डॉलर को और
कितना चमकाओगे
बारूद की गंध फैलाओगे
और शांति दूत कहलाओगे?
विपिन.....