

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों की आबादी को फिर से मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से एक बाघिन को बक्सा लाने की योजना पर काम चल रहा है।
करीब एक दर्जन बाघिनों को संभावित उम्मीदवारों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनमें से स्वास्थ्य, उम्र, शारीरिक क्षमता और बक्सा के जंगल के वातावरण में अनुकूलन की क्षमता के आधार पर एक बाघिन का चयन किया जाएगा।
अधिकारियों के सामने सबसे अहम चुनौती ऐसी बाघिन चुनने की है, जो नए पर्यावास में सुरक्षित तरीके से रह सके और आगे चलकर बाघों की आबादी बढ़ाने में योगदान दे। चयन प्रक्रिया में वन्यजीव विशेषज्ञों की राय के साथ निर्धारित संरक्षण मानकों का पालन किया जाएगा।
बक्सा में लंबे समय से बाघों की कम संख्या वन विभाग और संरक्षण एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही है। ऐसे में बिहार से बाघिन लाने की पहल को रिजर्व में बाघों की वापसी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों में बाघों की वापसी को लेकर उम्मीद और डर दोनों
बाघों को बक्सा में दोबारा बसाने की योजना को लेकर किए गए एक हालिया सर्वे में स्थानीय लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई है। अधिकांश लोग बाघों की वापसी को सकारात्मक मानते हैं।
उनका मानना है कि बाघों की मौजूदगी से जंगल का पारिस्थितिक संतुलन मजबूत होगा और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो सकता है।
हालांकि, जंगल की सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताएं भी कम नहीं हैं। ग्रामीणों को मानव-बाघ संघर्ष और मवेशियों पर हमले का डर सता रहा है। जंगल के आसपास रहने वाले परिवारों के लिए सुरक्षा और आजीविका का सवाल सबसे महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा, मुआवजा और जागरूकता पर देना होगा जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की वापसी की योजना तभी सफल होगी, जब स्थानीय समुदाय को पूरी प्रक्रिया के तहत विश्वास में लिया जाए। इसके लिए ग्रामीणों की सुरक्षा, मवेशियों की रक्षा, त्वरित मुआवजा, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करना जरूरी होगा।
बाघों की संख्या बढ़ाने के साथ मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन कायम रखना भी बड़ी चुनौती होगी। इस तरह बिहार से बाघिन का स्थानांतरण बक्सा के संरक्षण प्रयासों को नई दिशा दे सकता है, लेकिन इसकी सफलता बाघों के साथ-साथ जंगल के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी निर्भर करेगी।