दक्षिण 24 परगना में बीजेपी का 10 सीटों पर कब्जा

भाजपा कार्यकर्ता जश्न मनाते हुए
भाजपा कार्यकर्ता जश्न मनाते हुए
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दक्षिण 24 परगना कभी वामपंथ का मजबूत गढ़ था। 2008 में वाम सरकार के दौरान पंचायत चुनाव में पूर्व मेदिनीपुर के साथ-साथ दक्षिण 24 परगना जिला परिषद में भी ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। तब से तृणमूल कांग्रेस को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी। लगातार चुनावों में इस जिले के लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को भरपूर समर्थन दिया। वर्ष 2026 के चुनाव में तृणमूल के गढ़ माने जाने वाले दक्षिण 24 परगना में भाजपा ने सेंध लगा दी है। लगभग दो दशक बाद इस जिले में तृणमूल के मजबूत किले में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी जगह बना ली। यहां मतगणना के दिन कड़ी टक्कर के बाद आखिरकार बीजेपी ने तृणमूल को चुनौती दी। बता दें कि जिले में कुल 31 विधानसभा सीटें हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में इनमें से 30 सीटें तृणमूल के पास थीं और एक सीट नौशाद सिद्दीकी की पार्टी आईएसएफ के पास थी। इस बार भी तृणमूल को ऐसे ही परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन ईवीएम खुलते ही तस्वीर बदल गई। फलता विधानसभा को छोड़कर बाकी 30 सीटों में से 10 पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया। सागर, काकद्वीप, गोसाबा, सतगछिया, सोनारपुर दक्षिण, सोनारपुर उत्तर के साथ-साथ जादवपुर, टॉलीगंज, बेहला पूर्व और बेहला पश्चिम जैसे शहरी क्षेत्रों में भी बीजेपी ने पहली बार जीत दर्ज की। हालांकि इस भगवा लहर के बीच भी बासंती, कुलतली, पाथरप्रतिमा, रायदीघी, मंदिरबाजार, जयनगर, महेशतला और बजबज जैसी सीटों पर तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही।

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