'राष्ट्रीय पार्टी' टिप्पणी पर शोभनदेव की फजीहत

भाजपा के तंज से आहत शोभनदेव ने रोका भाषण
शोभनदेव चट्टोपाध्याय
शोभनदेव चट्टोपाध्याय
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया। गुंडादमन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान ममता गुट के वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय उस समय असहज हो गए, जब उन्होंने अपनी बात शुरू करते हुए कहा, "हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के..."

इतना कहते ही भाजपा विधायकों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया और तंज कसते हुए कहा कि अब यह "अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस नहीं, कालीघाट तृणमूल" है। एक मंत्री ने भी कटाक्ष किया कि पहले अपने घर का विवाद सुलझाइए, फिर सदन का समय लीजिए।

दरअसल, विपक्ष की ओर से बोलने वाले विधायकों की सूची ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट के मुख्य सचेतक अखरुज्जमां ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी थी, जिसमें शोभनदेव का नाम शामिल था, जबकि कालीघाट गुट की ओर से कुणाल घोष के बोलने की तैयारी थी। इसी को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद और गहरा गया।

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष कार्यालय ने विपक्ष के मुख्य सचेतक की भेजी सूची के अनुसार ही नाम घोषित किए हैं और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। अध्यक्ष ने शोभनदेव से अपना भाषण जारी रखने का अनुरोध किया, लेकिन लगातार हो रही टिप्पणियों से नाराज होकर उन्होंने बोलने से इनकार कर दिया।

कुणाल घोष ने उन्हें मनाने की कोशिश की, पर वे अपने फैसले पर अडिग रहे। इसके बाद अध्यक्ष ने अगले वक्ता को चर्चा जारी रखने के लिए आमंत्रित कर दिया।

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