

कोलकाता : दक्षिण कोलकाता की संतोषपुर लेक पल्लि की दुर्गापूजा इस बार अपनी अनूठी तकनीक और पौराणिक प्रस्तुति के कारण आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। पूजा के 69वें वर्ष में समिति ने ‘तांडव’ थीम के जरिए दक्ष यज्ञ और भगवान शिव के रौद्र रूप को प्रदर्शित करने की तैयारी की है। इसके लिए विशेष तकनीक चीन से मंगाई जा रही है।
पूजा समिति के सदस्य शुभजीत मन्ना के अनुसार इस वर्ष पूजा का अनुमानित बजट करीब 1.10 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 65-70 लाख रुपये तकनीकी व्यवस्था पर खर्च होंगे। यह तकनीक जहाज के जरिए चीन से लाई जा रही है और इसके 2 अक्टूबर तक कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है।
पूजा के अधिकारी सोमनाथ दास ने बताया कि प्रस्तुति में दर्शकों को देवी दुर्गा की प्रतिमा में विशेष गतिशीलता देखने को मिलेगी। कलाकार रिंटू दास के अनुसार तकनीक के माध्यम से दुर्गा के आंखें खोलने-बंद करने, गर्दन घुमाने और खड़े होने जैसे दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद देवी के सती स्वरूप और यज्ञ में आत्मदाह का प्रसंग दिखाया जाएगा।
मंडप में भगवान शिव के तांडव को दर्शाने के लिए 12 फुट लंबे दो पैरों का निर्माण भी किया जा रहा है। पूरी प्रस्तुति में पांच अलग-अलग तकनीकी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाएगा।