

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : भाजपा बंगाल विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी और मछुआरा विरोधी है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सागर में पार्टी उम्मीदवार बंकिम चंद्र हाजरा के समर्थन में आयोजित सभा के दौरान यह बात कही। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात के लोग बंगाल के लोगों को “चमका” और “धमका” रहे हैं, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सागर विधानसभा से बंकिम चंद्र हाजरा चार बार विधायक रह चुके हैं और जीबीडीए (GBDA) के चेयरमैन भी रहे हैं। सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने में उनकी अहम भूमिका रही है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार ऐसे व्यक्ति हैं जो 2021 में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। इस क्षेत्र में उनकी कोई विशेष पहचान नहीं है। वे अधिकतम पंचायत चुनाव ही जीत सकते थे। इस क्षेत्र की मिट्टी से उनका कोई जुड़ाव नहीं है। उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना की धरती का मतलब हमारी जीत तय है। अभिषेक बनर्जी ने बताया कि 1700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला मुरीगंगा ब्रिज ममता बनर्जी की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। इसका शिलान्यास हो चुका है और काम शुरू हो गया है। 25 दिसंबर 2025 को भाजपा के एक नेता ने कहा था कि यहां पुल बनना संभव नहीं है, लेकिन ममता बनर्जी ने इसे संभव कर दिखाया। अगले दो वर्षों में यह पूरी तरह चालू हो जाएगा। इसके अलावा, 40 करोड़ रुपये की लागत से हातानिया-दोयानिया नदी पर एक फिशिंग हार्बर बनाया जा रहा है, जो जनवरी 2027 तक पूरा होगा। इससे नामखाना, सागर और काकद्वीप के लाखों मछुआरों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि उनके कुंभ मेले और हमारे गंगासागर मेले में क्या अंतर है? मकर संक्रांति के दौरान यहां कोई दुर्घटना नहीं हुई, जबकि उत्तर प्रदेश में आयोजित कुंभ मेले में अव्यवस्था के कारण कई लोगों की जान गई। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे 12 साल का अपना रिपोर्ट कार्ड लाएं, हम भी अपना लाएंगे और विकास की तुलना करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हर खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया था—क्या किसी को मिला? अमित शाह ने 2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की बात कही थी—क्या एक पैसा मिला? मोदी की गारंटी ‘जीरो वारंटी’ है, जबकि ममता बनर्जी की गारंटी ‘लाइफटाइम वारंटी’ है। अंत में उन्होंने अपील की कि बंकिम हाजरा को भारी मतों से विजयी बनाएं और सागर के विकास की जिम्मेदारी तृणमूल कांग्रेस को दें।