भ्रष्ट कुलपतियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी पहल
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
Published on

कोलकाता : राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे कुलपतियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने ऐसे कुलपतियों की एक प्रारंभिक सूची तैयार कर ली है और कार्रवाई को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों से परामर्श लेना शुरू कर दिया है।

विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि सरकार इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। प्रत्येक शिकायत की कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर गहन जांच की जा रही है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि न रहे और आरोपित किसी तकनीकी आधार पर राहत न पा सकें। इसके लिए राज्य के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक विशेष टीम गठित की गई है। इस टीम की अंतिम राय मिलने के बाद ही विभाग अगला कदम उठाएगा।

गौरतलब है कि उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय लगातार शिक्षा संस्थानों को भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने की बात कह रहे हैं। हाल ही में उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि किसी विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर जेल भी जाना पड़ सकता है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के जेल जाने का उदाहरण देते हुए कहा था कि भविष्य में किसी कुलपति को भी दमदम, अलीपुर या प्रेसिडेंसी जेल में देखा जाए तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

मंत्री के अनुसार, पूर्व और वर्तमान कई कुलपतियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें विभाग को मिली हैं। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और आरोप सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग ने अब अपनी कानूनी तैयारियां और तेज कर दी हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in