राजनीतिक गतिविधियों में पुलिस की भागीदारी पर ‘जीरो टॉलरेंस’, उल्लंघन पर FIR

पुलिस अधिकारियों को बैठक करने के लिए कहा गया
फाइल फोटो
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सभी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त एवं पुलिस उपायुक्तों को अपने-अपने अधीनस्थ थानों के प्रभारी अधिकारियों (ओसी) के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इन बैठकों में चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करते हुए आठ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर देने को कहा गया है। इनमें भयमुक्त मतदान, हिंसा पर पूर्ण रोक, किसी भी प्रकार की धमकी से परहेज, मतदाताओं को प्रलोभन न देना, फर्जी मतदान (छप्पा वोट) पर रोक, बूथ जामिंग और सोर्स जामिंग को रोकना शामिल है। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोलकाता पुलिस के किसी भी कर्मी, जिसमें होम गार्ड और सिविक वॉलेंटियर्स भी शामिल हैं, की किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष राजनीतिक गतिविधि में संलिप्तता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ एफआईआर दर्ज की जाएगी। निर्देश के अनुसार, सभी थाना प्रभारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से इन दिशा-निर्देशों की जानकारी देंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर स्तर पर इनका पालन हो। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुपालन में जारी इन आदेशों के तहत सभी अधिकारियों को 1 अप्रैल 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।


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