बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए 10 थानों में बनेंगे रैंप

कोलकाता पुलिस की पहल
फाइल फोटो
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कोलकाता : नयी सरकार के कार्यभार संभालते ही कोलकाता पुलिस ने थानों को आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शहर के दस महत्वपूर्ण थानों के प्रवेश द्वारों पर स्थायी रैंप बनाने का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने आने में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इन थानों का होगा कायाकल्प

लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के सूत्रों के अनुसार, दूसरे चरण में दक्षिण कोलकाता और पोर्ट क्षेत्र के चारू मार्केट, भवानीपुर, न्यू अलीपुर, कालीघाट, हेस्टिंग्स, अलीपुर और रवींद्र सरोवर थाना, ठाकुरपुकुर, वेस्ट पोर्ट और गार्डेनरीच थाना शामिल हैं।

क्यों पड़ी रैंप की जरूरत?

पुलिस विभाग के संज्ञान में आया था कि कई थानों की इमारतों में प्रवेश के लिए केवल सीढ़ियाँ थीं। अक्सर वृद्ध लोग और दिव्यांग व्यक्ति अपनी समस्याओं को लेकर थाने आते हैं, लेकिन सीढ़ियां चढ़कर 'सेरेस्ता' (ऑफिस) तक पहुंचना उनके लिए काफी कष्टदायक होता था। इसी बाधा को दूर करने के लिए प्रवेश द्वार की सीढ़ियों के एक हिस्से को स्थायी रैंप में बदलने का निर्णय लिया गया है।

चुनाव के बाद काम में आयी तेजी

थानों में रैंप बनाने का फैसला पिछले साल ही लिया गया था और कुछ थानों में काम पूरा भी हो चुका था। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के कारण यह काम बीच में धीमा पड़ गया था। अब चुनाव संपन्न होते ही कोलकाता पुलिस ने इसे मिशन मोड में शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन 10 थानों के बाद शहर के बाकी बचे थानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि कोलकाता के प्रत्येक पुलिस थाने का प्रवेश द्वार 'बाधामुक्त' हो, ताकि समाज का हर वर्ग बिना किसी झिझक और शारीरिक परेशानी के पुलिस की सहायता ले सके।


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