

कोलकाता : हालीशहर में पुलिस हिरासत में मृत तृणमूल कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पर तृणमूल ने तीखा तंज कसा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री का यह कदम सही है, तो आरजी कर मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इसी तरह की आर्थिक सहायता की घोषणा पर विवाद और विरोध क्यों हुआ था?
कुणाल ने कहा कि पैसे से किसी की जान की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन सरकार के पास पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए निर्धारित नियम और कोष होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजी कर मामले में ममता सरकार की आर्थिक सहायता को विपक्ष ने ‘घूस’ और ‘मुंह बंद कराने’ की कोशिश बताया था। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार की ओर से यही तर्क दिया गया था कि यह परिवार की मदद के लिए निर्धारित व्यवस्था का हिस्सा है।
वहीं, आरजी कर पीड़िता की मां विधायक रत्ना देवनाथ ने कुणाल के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हालीशहर की घटना की तुलना आरजी कर मामले से करना नैतिक रूप से गलत है।
उनके अनुसार, उनकी बेटी अस्पताल में ड्यूटी के दौरान नृशंसता की शिकार हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने अपराधियों को जल्द सजा दिलाने के बजाय पुलिस की कथित लापरवाही और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।